
जयपुर। चुनाव से पहले टिकट वितरण को लेकर नेताओं में हुए झगड़े का नुकसान कांग्रेस को अब चुनाव में उठाना पड़ा है। आपसी झगड़े के चलते जिन सीटों पर उम्मीदवार देर से तय हुए, उनमें से अधिकांश सीटों पर कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है। जिन चार सीटों पर टिकट बदले गए थे, उनमें से तीन पर कांग्रेस हारी है।
शुरू से ही कांग्रेस में टिकट वितरण को लेकर झगड़े शुरू हो गए थे। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट, राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत के साथ नेता प्रतिपक्ष Rameshwar dudi भी इस झगड़े में कूद गए थे। इसके चलते करीब चार दर्जन सीटों पर टिकट वितरण में देरी हुई। तब से ही कयास लगाए जा रहे थे कि टिकट वितरण सही तरीके से नहीं होने से कांग्रेस को चुनाव में नुकसान उठाना पड़ सकता है। यह आशंका चुनाव में सच साबित भी हो गई। मंगलवार को आए परिणाम से साफ हो गया कि कांग्रेस की पहली सूची में छानबीन के बाद जिताऊ लोगों को टिकट दिया गया था। जबकि इसके बाद जिस नेता का जितना जोर चला, वह उतने उसके समर्थकों को टिकट दिला ले गया। इसका नुकसान कांग्रेस को चुनाव में हुआ है।
खुद के भंवर में फंसे डूडी
नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी ने खुद को नोखा में सुरक्षित करने के लिए कन्हैयालाल झंवर को कांग्रेस में शामिल करवाया और दिग्गज नेता बीडी कल्ला का टिकट कटवा दिया। हंगामा हुआ तो बीकानेर पश्चिम से उम्मीदवार यशपाल गहलोत को बीकानेर पूर्व में भेज दिया। झंवर का टिकट कटा तो डूडी ने हंगामा कर दिया। फिर बीकानेर पूर्व से झंवर को उम्मीदवार बना दिया। केशोरायपाटन में सीएल प्रेमी और मावली में लाल सिंह झाला की जगह पुष्करलाल डांगी को उतारना कांग्रेस के लिए नुकसान साबित हुआ।
Published on:
12 Dec 2018 10:47 am
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