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Congress Chintan Shivir 2022: कांग्रेस में दिखने लगी परिवारवाद के आरोप से छुटकारा पाने की कशमकश, एक परिवार से एक टिकट पर मंथन

नई चुनौतियां, नव संकल्प, नव चिंतन और नए पैमानों पर मंथन। उदयपुर में चल रहे कांग्रेस के चिंतन शिविर में कांग्रेस इसी लाइन पर आगे बढ़ती दिख रही है। कांग्रेस के हाईप्रोफाइल महासचिव अजय माकन ने इस बात के संकेत दे दिए हैं। माकन ने इस फार्मूले में गांधी परिवार के लिए गुंजायश भी छोड़ी है, लेकिन इससे पार्टी की सोच की दिशा तो पता चलती ही है। शिविर में युवाओं को तवज्जो देने की बात से भी इस की पुष्टि होती है।

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नई चुनौतियां, नव संकल्प, नव चिंतन और नए पैमानों पर मंथन। उदयपुर में चल रहे कांग्रेस के चिंतन शिविर में कांग्रेस इसी लाइन पर आगे बढ़ती दिख रही है।

उदयपुर में चल रहे नव संकल्प चिंतन शिविर में कांग्रेस नई चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए कई नए पैमाने तय करने की तैयारी कर रही है। चिंतन शिविर के पहले ही दिन इसकी गूंज साफ सुनाई दी गई। देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी ‘एक परिवार, एक टिकट, एक पद’ पर दोबारा चुने जाने के लिए समय, पदाधिकारियों के कामकाज का आकलन और जनता की नब्ज समझने के लिए अलग विभाग बनाने पर विचार कर रही है।

शिविर से पहले ही अजय माकन ने बता दी चिंतन की दिशा

नव संकल्प शिविर से पहले मीडिया से बात करते हुए गांधी परिवार के नजदीकी और पार्टी महासचिव अजय माकन ने कहा कि कांग्रेस बैठक में ‘एक परिवार एक पद’ पर चर्चा करेगी। परिवार के दूसरे व्यक्ति को टिकट तभी दिया जाएगा, जब वह पांच साल से पार्टी में काम कर रहा हो। इस शर्त का मकसद चुनाव से ठीक पहले पैराशूट से उतरने वाले उम्मीदवारों को रोकना है। इसके साथ पार्टी यह भी सुनिश्चित करेगी कि कोई व्यक्ति पांच साल से ज्यादा एक पद पर नहीं रहे। उस व्यक्ति को फिर से उसी पद पर नियुक्त करने के लिए तीन साल का कूलिंग पीरियड जरूरी होगा। पर, कांग्रेस अध्यक्ष के लिए यह फॉर्मूला लागू नहीं होगा। माकन के मुताबिक अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होता है।

परिवारवाद के आरोप से छुटकारा पाने की जद्दोजहद

कांग्रेस के ‘एक परिवार, एक टिकट’ का ऐलान को खुद पर परिवारवाद के आरोप से छुटकारा पाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। क्योंकि, पार्टी पर भाजपा की ओर से परिवारवाद के गंभीर आरोप लगते रहे हैं। विशेषकर पीएम मोदी इसको लेकर कांग्रेस और गांधी परिवार पर बराबर हमलावर रहते हैं। पर इसके साथ पार्टी ने पांच साल संगठन में काम करने की जो शर्त जोड़ी है, उसे प्रियंका गांधी वाड्रा से जोड़कर देखा जा रहा है। क्योंकि, प्रियंका वाड्रा को 2024 के चुनाव तक पांच साल हो जाएंगे और उन पर ‘एक परिवार एक टिकट’ का फॉर्मूला लागू नहीं होगा।

इस तरह से कांग्रेस समझेगी लोगों की नब्ज, ये भी है तैयारी

कांग्रेस पर यह इल्जाम लगता रहा है कि वह जनता से कट चुकी है। लोगों की नब्ज नहीं समझती है। इसलिए कांग्रेस नव संकल्प शिविर में अब पब्लिक इनसाइट विभाग बनाने पर विचार कर रही है। ताकि, वह लगातार लोगों के बीच बनी रहे और उसे नब्ज का पता रहे। पार्टी संगठन में अच्छा काम करने वालों को बढ़ावा भी देगी। इसके लिए पार्टी में, आकलन इकाई (असेसमेंट विंग) बनाने का प्रस्ताव है।

अब जवाबदेही होगी तय, बता दी पार्टी की कमजोरी

अजय माकन ने खुद ही पार्टी की एक और कमजोरी बता दी। कहा कि अभी पार्टी में अच्छा काम करने वाले को कोई इनाम नहीं मिलता है और खराब काम करने वालों पर कार्रवाई नहीं होती है। पार्टी की इस कवायद को जवाबदेही तय करने से जोड़ कर देखा जा रहा है। क्योंकि, पांच राज्यों के चुनाव में हार के बाद कांग्रेस अध्यक्ष ने सभी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों से इस्तीफे ले लिए थे। हालांकि, प्रदेश प्रभारियों के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में उम्मीद है नव संकल्प शिविर के बाद जवाबदेही तय की जा सकती है।

तो अब फिर जवान होगी देश की सबसे पुरानी पार्टी

कांग्रेस की सोच की दिशा बताते हुए माकन ने कहा कि, नई चुनौतियों से निपटने के लिए कांग्रेस संगठन में युवाओं को तरजीह देगी। अजय माकन ने कहा कि शिविर में यह प्रस्ताव है कि संगठन में हर स्तर पर 50 प्रतिशत जगह युवाओं को दी जाए। यह नियम बूथ स्तर से लेकर एआईसीसी और कांग्रेस कार्यसमिति पर भी लागू होगा। बता दें, कांग्रेस के नेता राहुल गांधी भी इसके हिमायती बताए जाते हैं।

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