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कांग्रेस जिलाध्यक्षों को कार्यकारिणी के लिए 7 दिन का अल्टीमेटम, अब दो माह बाद भी घोषणा नहीं

-15 जुलाई को डोटासरा ने जिलाध्यक्षों को दी थी चेतावनी, 7 दिन में कार्यकारिणी नहीं बना पाए तो कार्यकारी अध्यक्ष लगा दूंगा

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जयपुर। 3 साल के लंबे इंतजार के बाद भले ही एआईसीसी ने 10 जुलाई को प्रदेश कांग्रेस के 25 जिलाध्यक्षों की नियुक्ति कर दी हो, लेकिन इन जिलाध्यक्षों के सामने प्रदेश नेतृत्व के आदेश ही बेअसर साबित हो रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने जिलाध्यक्षों को 7 दिन के अंदर अपनी कार्यकारिणी की घोषणा कर सूची पीसीसी मुख्यालय को भिजवाने के निर्देश दिए थे, लेकिन दो माह का समय बीतने के बावजूद भी 25 नए जिलाध्यक्षों में से किसी ने भी अपनी कार्यकारिणी की घोषणा नहीं की है।

ऐसे में इसे लेकर सियासी गलियारों में चर्चाएं खूब हैं। चर्चा ये है कि विधानसभा चुनाव में भी महज ढाई माह का समय बचा है, ऐसे में जिला स्तर पर संगठनात्मक ढांचा मजबूत किए बगैर चुनावी रण में कैसे उतरेंगे?। हालांकि इससे पहले डोटासरा 1 दिसंबर 2021 को 13 जिलाध्यक्षों की नियुक्ति करा पाए थे।

डोटासरा ने कही थी कार्यकारी अध्यक्ष की बात

दऱअसल 15 जुलाई को पीसीसी मुख्यालय में कांग्रेस जिलाध्यक्षों और प्रदेश कार्यकारिणी की संयुक्त बैठक हुई थी, जिसमें प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा की मौजूदगी में डोटासरा ने जिलाध्यक्षों को 7 दिन में अपनी कार्यकारिणी बनाकर सूची पीसीसी को भिजवाने के निर्देश दिए थे। साथ ही चेतावनी भी दी थी कि अगर जिलाध्यक्ष सात दिन में कार्यकारिणी नहीं बना पाए तो उनकी जगह कार्यकारी जिलाध्यक्ष बनाकर उनसे काम करा लेंगे, अगर आप लोगों ऐसा नहीं चाहते हो तो 7 दिन में अपनी कार्यकाऱिणी पीसीसी को भेजे।

जिलाध्यक्षों की अपनी परेशानी

सूत्रों की माने तो कांग्रेस जिलाध्यक्षों की अपनी परेशानी है, प्रदेश नेतृत्व ने जहां जिलाध्यक्षों को 70 पदाधिकारी से ज्यादा की कार्यकारिणी नहीं बनाने के निर्देश दिए हैं तो वहीं जिलाध्यक्ष चाहते हैं कि विधानसभा चुनाव के चलते जंबो कार्यकारिणी बनाई जाए, जिसमें सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को एडजस्ट किया जाए। जिससे चुनाव के समय किसी की नाराजगी सामने नहीं आ पाए।

गौरतलब है कि 14 जुलाई 2020 को सियासी संकट के दौरान सचिन पायलट की बगावत के चलते पार्टी हाईकमान ने पायलट को पीसीसी अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री पद से बर्खास्त कर दिया था, साथ ही प्रदेश कार्यकारिणी, जिलाध्यक्षों को भी भंग कर दिया था।

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