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कांग्रेस आलाकमान ने दिखाए सख्त तेवर, गहलोत-पायलट खेमे को लेकर लिया ये बड़ा फैसला

कई दिनों तक नेताओं की आपसी जंग के बाद अब यह छीटाकशी पार्टी और पार्टी की सरकार तक पहुंचने लगी थी। इसके बाद आलाकमान ने सख्त तेवर दिखाए हैं।
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जयपुर

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Santosh Trivedi

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Updated: 30 Sep 2022, 9:22 AM IST

Sachin Pilot may become CM AS Shok Gehlot hints at leaving CM post

Sachin Pilot may become CM AS Shok Gehlot hints at leaving CM post

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
जयपुर। कांग्रेस में चल रहे सियासी संग्राम में कूद रहे बयानवीरों को लेकर आलाकमान ने सख्त तेवर दिखाए हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सोनिया गांधी से दिल्ली जाकर माफी मांगने के बाद और इससे पहले भी गहलोत-पायलट खेमे और खुद को तटस्थ बताने वाले पार्टी नेताओं में चल रही जुबानी जंग को थामने के मकसद से आलाकमान सख्त हो गया है। पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बाकायदा एडवाइजरी जारी कर चेताया है कि अब यदि किसी नेता ने एक-दूसरे पर कोई आरोप लगाए या छींटाकशी की तो उसके खिलाफ आलाकमान सख्त कार्रवाई करेगा। चाहे फिर वह किसी भी स्तर का नेता क्यों न हो।

कैसे- कैसे आए बयान:
शांति धारीवाल- धारीवाल ने कहा कि अजय माकन पक्षपातपूर्ण तरीके से विधायकों से बात कर रहे थे। वे सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाने का मिशन लेकर आए थे।

धर्मेन्द्र राठौड़- पहले जिन लोगों ने भाजपा से मिल कर गांधी परिवार और कांग्रेस के खिलाफ षड्यंत्र रचा वे सत्ता पर काबिज होना चाहते हैं।

परसादी लाल मीण- हम एक साल पहले चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं, लेकिन सरकार को गिराने का प्रयास करने वालों के साथ नहीं जाएंगे।

मुरारी लाल मीणा- पार्टी के खिलाफ काम तो उन लोगों ने किया, जिन्होंने इस्तीफे दिए।

राजेन्द्र गुढ़ा- धारीवाल की तो बुद्धि ही खराब हो गई है। उनके घर हुई बैठक अनुशासनहीनता है।

दिव्या मदेरणा- शांति धारीवाल अपने निजी राजनीतिक स्वार्थ के लिए प्रभारी माकन पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं ।

यह भी पढ़ें : अशोक गहलोत का एलान- नहीं लड़ूंगा कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव

नेताओं ने पूरी सरकार को लपेटा तो घूमा डंडा:
कई दिनों तक नेताओं की आपसी जंग के बाद अब यह छीटाकशी पार्टी और पार्टी की सरकार तक पहुंचने लगी थी। कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने टीवी डिबेट में राज्य के मंत्रियों पर दो से चार हजार करोड़ रुपए कमाने का आरोप लगा दिया। आलाकमान को लगा कि ये सिलसिला बढ़ा तो पार्टी की छवि को भी नुकसान पहुंचेगा।