जयपुर। विधानसभा चुनाव से पहले फीडबैक के लिए बुलाई गई जयपुर देहात कांग्रेस की बैठक में मंत्री राजेन्द्र यादव (Minister Rajendra Yadav) और फुलेरा से प्रत्याशी पायलट समर्थक विद्याधर चौधरी (sachin Pilot Supporter Vidyadhar Chowdhary) के बीच नोंकझोंक हो गई। विद्याधर चौधरी ने कह दिया कि 15 साल से फुलेरा में कांग्रेस को हरवाने वालों का पर्दाफाश करूंगा। मुझे हारने जीतने की परवाह नहीं है और न एमएलए बनने का शौक है।
इस पर मंत्री यादव ने नसीहत दी कि आप बडे़ परिवार से हो आपको ऐसे लोगों को साथ लेकर काम करना चाहिए। इस पर चौधरी नाराज हो गए और कहने लगे, आप मुझे ज्ञान मत दो। जिन्होंने मुझे हरवाया है उन्हीं को साथ लूं। आपको तो ऐसे लोगों को कांग्रेस से बाहर करने की बात करनी चाहिए थी। मामला बिगड़ता देख कांग्रेस की सहप्रभारी और एआईसीसी सचिव अमृता धवन (AICC secretary Amrita Dhawan, co-incharge of Congress) ने दखल दिया और मामले को शांत कराया।
पार्टी विरोधी काम करने वाले नेताओं का मामला उठाया
सहप्रभारी धवन अपने प्रभार वाले जिलों का दौरा कर बैठकें ले रही है और इसी को लेकर शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में जयपुर देहात कांग्रेस की बैठक बुलाई गई थी। बैठक में विधानसभा चुनाव में पार्टी विरोधी काम करने वाले नेताओं का मामला उठ गया। बैठक खत्म हाेने के बाद चौधरी ने मीडिया के सामने भी इस बात को उठाया। उन्होंने कहा कि ऐसा तो है नहीं कि एमएलए बनूंगा तभी ऊपर जाकर मोक्ष मिलेगा। पार्टी के खिलाफ काम करने वाले नेताओं के सिर पर बडे़ नेता हाथ रखते है और चुनाव में कांग्रेस को हराने का काम करते है। मैंने प्रभारी रंधावा के सामने भी यह मुद्दा उठाया और जहां भी कांग्रेस का प्लेटफार्म होगा, मैं इस बात को रखूंगा।
उन्होंने कहा कि टिकट देने से पहले क्षेत्र में प्रधान, जिला परिषद नगरपालिका सदस्य और अन्य जनप्रतिनिधियों से पूछें और उनकी राय लें। वो जिसका नाम लें उसे टिकट दें, यदि मेरे खिलाफ भी बात आए तो मुझे टिकट न दें।
मंत्री राजेंद्र यादव दो घंटे देरी से आए
बैठक में मंत्री राजेंद्र यादव दो घंटे देरी से आए तो झोटवाड़ा से 2013 में प्रत्याशी रहीं रेखा कटारिया ने कहा कि बैठक का समय तय होना चाहिए। बैठक में कांग्रेस के विधायक, निर्दलीय विधायक और हारे हुए प्रत्याशी आए थे। इनमें विधायक इन्द्राज गुर्जर, गोपाल मीणा, निर्दलीय विधायक आलोक बेनीवाल, हारे प्रत्याशी मनीष यादव, रितेश बैरवा, दौलत मीणा, प्रशांत शर्मा भी मौजूद रहे। वहीं निर्दलीय विधायक बाबूलाल नागर के बजाय उनके पुत्र विकास नागर बैठक में आए। मंत्री लालचंद कटारिया जयपुर से बाहर थे। विधायक वेदप्रकाश सोलंकी भी जल्दी चले गए।
कांग्रेस को हरवाने वाली ताकतें कौन
विद्याधर चौधरी ने कहा- हम गुणगान करें तब तो राजी, हकीकत कह दो तो नाराज। यह नहीं चल सकता। कांग्रेस को हरवाने वालों की पहचान करना बहुत जरूरी है। सह प्रभारी यह देखें कि कांग्रेस को हरवाने वाली ताकतें कौन हैं? ऐसी ताकतों की पहचान कर पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जाना चाहिए। टिकट किसको दें, यह क्षेत्र के जीते हुए पदाधिकारी तय करें।