
जयपुर।
राजस्थान प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा जहां एक तरफ राजधानी जयपुर में बैठकर प्रदेश में सत्ता और संगठन के बीच तालमेल का फीडबैक ले रहे थे, वहीं दूसरी तरफ पार्टी के दो सीनियर नेताओं के बीच अदावत और तल्खी सोशल मीडिया के सार्वजनिक मंच पर खुलकर सामने आ रही थी।
दरअसल, कांग्रेस के सांगोद से विधायक और वरिष्ठ नेता भरत सिंह कुंदनपुर ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को खनन मंत्री प्रमोद जैन भाया के खिलाफ एक शिकायती पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने ना सिर्फ खनन मंत्री को खनन माफिया कहा है बल्कि मुख्यमंत्री पर भी खनन मंत्री का संरक्षण करने के आरोप लगाए हैं।
'माफिया हैं खनन मंत्री, तुरंत करें पदमुक्त'
विधायक भरत सिंह ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में लिखा, 'आपको ये पत्र वर्ष 2022 के अंत में लिखकर, आपसे मांग कर रहा हूँ कि प्रदेश के खनन मंत्री खनन माफिया हैं। पार्टी और प्रदेश के हित में मंत्री को पदमुक्त किया जाए।'
'खोखला है ज़ीरो भ्रष्टाचार का नारा'
सांगोद से कांग्रेस विधायक ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री को ही निशाने पर ले लिया। उन्होंने पत्र में आगे लिखा, 'आपको पत्र लिखते-लिखते मुझे ये समझ आ चुका है कि इनको आपका संरक्षण प्राप्त है। ज़ीरो भ्रष्टाचार का आपका नारा खोखला है, क्योंकि ये मंत्री 100 प्रतिशत भ्रस्ट है।'
'अब सड़क पर होगा आंदोलन'
विधायक भरत सिंह ने भ्रष्टाचार के खिलाफ नए साल से सड़क पर उतरने की बात भी मुख्यमंत्री को लिखी। उन्होंने पत्र में लिखा, 'नव वर्ष 2023 से भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़क पर मेरा उतरना तय है।'
नई नहीं है नेताओं की अदावत
गहलोत सरकार में खनन मंत्री प्रमोद जैन भाया और विधायक भरत सिंह के बीच की अदावत नई नहीं है। दोनों नेता इससे पहले भी कई बार आमने-सामने हो चुके हैं। विधायक भरत सिंह भाया के खिलाफ इससे पहले भी मुख्यमंत्री को कई शिकायती पत्र लिख चुके हैं। इसी कारण वे कई बार सुर्ख़ियों में रह चुके हैं।
Published on:
29 Dec 2022 01:57 pm
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