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लोकसभा चुनाव खत्म होते ही कांग्रेस में शुरू हुआ शिकायतों का दौर

उम्मीदवार व एआईसीसी की ओर से नियुक्त पर्यवेक्षक सौंप रहे रिपोर्ट
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जयपुर

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Pushpendra Singh Shekhawat

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Updated: 9 May 2019, 7:30 AM IST

rajasthan congress

लोकसभा चुनाव खत्म होते ही कांग्रेस में शुरू हुआ शिकायतों का दौर

सुनील सिंह सिसोदिया / जयपुर। राज्य में लोकसभा चुनाव ( Loksabha Election ) के दोनों चरण खत्म होते ही रिपोर्ट जुटाने का सिलसिला तेज हो गया है। प्रभारी महासचिव अविनाश पाण्डे ( avinash pandey ) ने एआईसीसी की ओर से सभी लोकसभा क्षेत्रों में नियुक्त प्रभारियों से रिपोर्ट लेने के साथ ही उम्मीदवारों से भी रिपोर्ट मांग ली है। बताया जा रहा है कि उम्मीदवारों ने पदाधिकारी ही नहीं, विधायक और मंत्रियों के भी कामकाज में पूरी लगन के साथ नहीं जुटने को लेकर शिकायत दर्ज कराई है।

सूत्रों के मुताबिक चुनावी प्रक्रिया के शुरूआत में ही कई उम्मीदवारों ने क्षेत्रीय नेताओं के काम में नहीं जुटने को लेकर आलाकमान को शिकायत की थी। ऐसे में कई पदाधिकारी व जनप्रतिनिधियों को चेतावनी तक दी गई थी। हालांकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का इसका पहले से ही डर था। यही वजह थी कि टिकट वितरण के साथ ही कह दिया गया था कि जो विधायक अच्छा काम करेंगे, उनको मंत्री बनाने को लेकर विचार किया जा सकता है। वहीं जिन मंत्रियों के क्षेत्र की स्थिति कमजोर रहेगी, तो उन्हें मंत्री पद पर बनाए रखा जाए या नहीं, इस पर पार्टी विचार कर सकती है।

बताया जा रहा है कि जयपुर शहर, जयपुर ग्रामीण सहित कई लोकसभा क्षेत्रों में कांग्रेस के नेताओं के कामकाज को लेकर शिकायत आलाकमान तक पहुंची है। इसमें कहा गया है कि किसी ने प्रचार ही नहीं किया, तो किसी ने प्रचार से दूरी बनाए रखी। जयपुर में तो लगभग सभी विधानसभा क्षेत्रों को लेकर शिकायत पहुंचने की बात कही जा रही है। हालांकि इन शिकायतों को लेकर वरिष्ठ पदाधिकारियों का कहना है कि चुनाव परिणामों के बाद इन शिकायतों की सत्यता की जांच होगी।

राज्य में कांग्रेस पार्टी अभी सत्ता में है, ऐसे में प्रदेश कांग्रेस ही नहीं हाल ही चुनाव प्रचार व प्रेसवार्ताएं करने को लेकर आए केन्द्रीय नेताओं का मानना था कि प्रदेश में कांग्रेस पाटी भाजपा के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन करेगी। इसके पीछे होने उन्होंने पिछले कुछ लोकसभा चुनावों के तर्क भी दिए थे। गत-तीन चार बार से सत्ताधारी दल को ही ज्यादा सीटें मिलती आ रही हैं। ऐसे में केन्द्रीय नेताओं का राजस्थान से ज्यादा उम्मीदें हैं।