
जयपुर। टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर बगावती तेवरों के साथ चुनाव मैदान में कूदे बागियों को मनाने के लिए कांग्रेस की ओर से की गई कवायद कुछ हद तक सफल रही तो कुछ सीटों पर बागियों को मनाने में सफलता नहीं मिल पाई। खूब कोशिशें के बाद भी कई बागी चुनाव मैदान से हटने को तैयार नहीं हुए हैं। हालांकि बागियों के खिलाफ कांग्रेस पार्टी का कड़ा रुख देखने को मिल सकता है।
इन सीटों पर कांग्रेस के बागियों ने पर्चा लिया वापस
वहीं सांगानेर, हवामहल, किशनपोल और आमेर में बागियों ने अपना पर्चा वापस ले लिया है। सांगानेर में कांग्रेस से बागी होकर बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे रामलाल चौधरी ने अपना पर्चा वापस ले लिया। चौधरी को लगातार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संपर्क कर रहे थे।
आमेर में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में कूदे एनएसयूआई के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष राकेश मीणा ने कांग्रेस नेताओं के समझाइश के बाद पर्चा वापस ले लिया है। हवामहल में कांग्रेस के बागी गिरीश पारीक भी मुख्यमंत्री गहलोत से मुलाकात के बाद चुनाव मैदान से हट गए।
किशनपोल में बागी होकर आजाद समाज पार्टी के बैनर पर चुनाव लड़ रहे हैं आरिफ कुरैशी ने भी अपना नामांकन वापस कर लिया है।
इन सीटों पर कांग्रेस के बागी डटे
जयपुर जिले में कई सीटें ऐसी भी हैं जहां पर खूब कोशिशें के बाद भी बागी चुनाव मैदान से हटने को तैयार नहीं हुए। उनमें आदर्श नगर, झोटवाड़ा, शाहपुरा और विराटनगर हैं। आदर्श नगर में पार्षद उमदराज पार्टी से बगावत कर आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव मैदान में डटे हुए हैं। झोटवाड़ा में सुरज्ञान घोसल्या और हरिकिशन तिवाड़ी भी पार्टी से बगावत कर चुनाव मैदान में डटे हुए।
विराटनगर में कांग्रेस के पूर्व विधायक रामचंद्र आराधना बगावत कर चुनाव मैदान में जमे हुए हैं। शाहपुरा में मौजूदा विधायक आलोक बेनीवाल भी फिर से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में डटे हैं।
अब चलेगा अनुशासन का डंडा
बताया जाता है कि पार्टी के शीर्ष नेताओं की ओर मनाने की कोशिशों के बावजूद भी चुनाव मैदान से नहीं हटे बागी नेताओं पर अब अनुशासरात्मक करवाई करने की तैयारी हो रही है। कहा जा रहा है कि बगावत करने वाले नेताओं को पार्टी से निष्कासित करने के आदेश जल्द ही जारी होंगे।
बागियों को मनाने में इन नेताओं की भूमिका
इधर टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर चुनाव मैदान में बागी हुए नेताओं को मनाने में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पार्टी महासचिव मुकुल वासनिक, प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, जितेंद्र सिंह जैसे नेताओं की बड़ी भूमिका रही है।
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Published on:
10 Nov 2023 10:15 pm
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