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कांग्रेस के नए प्रभारी रंधावा का पहला आधिकारिक दौरा, गुटबाजी रोकना होगा बड़ी चुनौती

27 दिसंबर की शाम तीन दिवसीय दौरे पर जयपुर पहुंचेंगे सुखजिंदर सिंह रंधावा, 28 दिसंबर को पीसीसी में प्रदेश कार्यकारिणी के साथ जयपुर शहर और जयपुर देहात के नेताओं से होगा संवाद

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Sukhjinder Singh Randhawa

Sukhjinder Singh Randhawa

जयपुर। राजस्थान कांग्रेस के नए प्रभारी बनाए गए सुखजिंदर सिंह रंधावा अब पहली बार अपने आधिकारिक दौरे पर राजस्थान आ जा रहे हैं। हालांकि इससे पहले वह भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने के लिए राजस्थान आए थे लेकिन प्रभारी के तौर पर वो उनका आधिकारिक दौरा नहीं था।

रंधावा का अधिकारी दौरा तय हो चुका है और वो 3 दिन के दौरे पर जयपुर आ रहे हैं, जहां रंधावा पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ मुलाकात करेंगे । बताया जाता है कि रंधावा 27 दिसंबर की शाम जयपुर पहुंच जाएंगे। अजय माकन काटने के बाद प्रभारी बनाए गए सुखजिंदर सिंह रंधावा के सामने गुटबाजी दूर करने और विधानसभा चुनाव बड़ी चुनौती साबित होगा।

28 दिसंबर को पीसीसी में होगा नेताओं के साथ संवाद
अपने पहले आधिकारिक दौरे के दौरान 28 दिसंबर को सुखजिंदर सिंह रंधावा प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पीसीसी कार्यकारिणी और जयपुर जयपुर शहर और जयपुर देहात के नेताओं के साथ संवाद करेंगे। बताया जाता है कि 28 दिसंबर को जयपुर में होने वाली बैठक के दौरान प्रदेश प्रभारी सुखविंदर सिंह रंधावा प्रदेश कार्यकारिणी के साथ संवाद करके उनका परिचय भी लेंगे और संगठनात्मक कामकाज की जानकारी भी लेंगे। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी मौजूद रहेंगे।

अलग-अलग जिलों के दौरे करेंगे रंधावा
बताया जाता है कि सुखविंदर सिंह रंधावा जयपुर शहर और जयपुर देहात के नेताओं से मुलाकात के बाद अलग-अलग जिलों के दौरे करेंगे, जहां वे पार्टी नेता और कार्यकर्ताओं से भी मिलेंगे और उन उनका परिचय जानने के साथ ही संगठनात्मक कामकाज की जानकारी भी लेंगे। साथ ही संगठन में रिक्त चल रहे पदों को जल्द से जल्द भरने की कवायद शुरू करेंगे।

गुटबाजी दूर करने और विधानसभा चुनाव बड़ी चुनौती
वहीं कांग्रेस के नए प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा के समक्ष राजस्थान कांग्रेस में फैली गुटबाजी को दूर करने और 1 साल के बाद होने वाले विधानसभा चुनाव में फिर से पार्टी की सरकार बनाने जैसी बड़ी चुनौतियां खड़ी हैं। राजस्थान कांग्रेस में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट गुट के साथ-साथ कई अन्य गुट के बने हुए हैं जिनमें लगातार बयानबाजी देखने को मिलती है। सुखविंदर सिंह रंधावा से पहले प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे और अजय माकन भी गुटबाजी दूर करने में सफल नहीं हो पाए थे।

गहलोत और पायलट दोनों का करीबी माना जाता है रंधावा को
प्रदेश प्रभारी रंधावा को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट का करीबी माना जाता है, रंधावा खुद भी कई बार यह दावा कर चुके हैं दोनों नेताओं से उनके मधुर संबंध हैं और सभी को साथ लेकर राजस्थान में फिर से कांग्रेस पार्टी की सरकार बनाएंगे, लेकिन जिस तरह से राजस्थान कांग्रेसमें गुटबाजी व्याप्त है उससे पार पाना रंधावा के लिए आसान नहीं होगा।

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