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भर्ती परीक्षाओं पर विवाद जारी, आरएएस और स्टेनोग्राफर अभ्यर्थियों का विरोध

आरपीएससी और अधीनस्थ बोर्ड के खिलाफ प्रदर्शन

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जयपुर

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Vijay Sharma

Feb 02, 2022

जयपुर। आरएएस मुख्य परीक्षा और स्टेनोेग्राफर भर्ती के अभ्यर्थियों का विरोध रुकने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों परीक्षा के अभ्यर्थी सड़कों पर उतर विरोध कर रहे हैं।


आरएएस मुख्य परीक्षा 2022 की परीक्षा तिथि को आगे बढ़ाने की मांग को लेकर मुख्य परीक्षा के अभ्यर्थियों ने बुधवार शाम शांति पूर्वक केंडल मार्च निकालकर विरोध दर्ज करवाया।अभ्यर्थी रिद्दि—सिद्दि चौराहे से कैंडर मार्च करते हुए गुर्जर की थड़ी तक पहुंचे।


केंडल मार्च का नेतृत्व कर रहे अभ्यर्थी अभिषेक शर्मा ने बताया कि प्रदेश में हर प्रतियोगी परीक्षा विवादों में आ रही है। रीट सहित अन्य भर्ती परीक्षाओं ने पारदर्शिता की पोल खोलकर रख दी है। इसीप्रकार आरएएस मुख्य परीक्षा के अभ्यर्थियों के साथ अन्याय किया जा रहा है। शर्मा ने बताया कि इस बार आरपीएससी की ओर से मुख्य परीक्षा के सिलेबस में विज्ञान विषय में 70 प्रतिशत के साथ मैनेजमेंट विषय में भी बड़ा बदलाव किया गया है। ऐसे में अभ्यर्थियों को सिलेबस पूरा करने का समय नहीं मिला। पिछली भर्ती के मुकाबले इस भर्ती के अभ्यर्थियों को कम समय मिला है। अभ्यर्थियों की मांग है कि कोरोना महामारी के दौरान ज्यादा समय तक कोचिंग संस्थान बन्द रहे हैं, जिसके कारण छात्रों की पढ़ाई चौपट हो गई। ऐसे में तैयारी पूरी करने के लिए छात्रों को थोड़ा वक्त और दिया जाए।


स्टेनोग्राफर भर्ती में नॉर्मलाइजेशन की मांग पर प्रदर्शन
जयपुर। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से आयोजित स्टेनोग्राफर भर्ती परीक्षा 2018 नॉर्मलाइजेशन से परिणाम जारी करने मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने गोपालपुरा मोड पर प्रदर्शन किया। युवा हल्ला बोल के प्रदेशाध्यक्ष ईरा बोस के नेतृत्व में अभ्यर्थियों ने अधीनस्थ बोर्ड के खिलाफ नारेबाजी की।


प्रदेशाध्यक्ष ने बताया कि पटवार भर्ती की तर्ज पर स्टेनोग्राफर भर्ती में भी नॉॅर्मलाइजेशन की प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए। पटवार भर्ती में चार चरणों में नॉर्मलाइजेशन से रिजल्ट जारी किया गया है, जबकि स्टेनोग्राफर भर्ती में 17 चरणों में भी नहीं किया गया। हालांकि बोर्ड ने विरोध के बाद मामला एक्टपर्ट कमेटी के पास भेजा है। लेकिन मांग है कि बोर्ड एक्सपर्ट कमेटी के सामने मामला रख जल्द से जल्द नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया पूरा करे। अभ्यर्थियों का कहना है कि अधीनस्थ बोर्ड ने अगर भेदभाव पूर्ण रवैया अपनाया तो बोर्ड कार्यालय का घेराव किया जाएगा। इस मामले में बोर्ड चेयरमैन हरिप्रसाद शर्मा का कहना है कि इस प्रकरण में अभ्यर्थियों को आश्वस्त किया गया है कि उनका मामला एक्सपर्ट कमेटी के पास रखा जाएगा। कमेटी ही नॉर्मलाइलेशन से परिणाम जारी करने का निर्णय लेगी।


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