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राजस्थान में Phd सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया में बदलाव का जबरदस्त विरोध, अब ये लिया फैसला

राजस्थान यूनिवर्सिटी में पीएचडी सीटों पर वार्ड कोटा दिया जा रहा है। हाल ही यूनिवर्सिटी ने एकेडमिक कौंसिल की बैठक बुलाकर वार्ड कोटा देने का निर्णय लेे लिया। इस निर्णय का यूनिवर्सिटी में विरोध शुरू हो गया है।

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जयपुर

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Kirti Verma

Apr 10, 2024

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राजस्थान यूनिवर्सिटी में पीएचडी सीटों पर वार्ड कोटा दिया जा रहा है। हाल ही यूनिवर्सिटी ने एकेडमिक कौंसिल की बैठक बुलाकर वार्ड कोटा देने का निर्णय लेे लिया। इस निर्णय का यूनिवर्सिटी में विरोध शुरू हो गया है। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने वार्ड कोटा को नियम विरुद्ध बताकर फैसला वापस लेने की मांग की है। वार्ड कोटा पर उठे विवाद के बाद अब यूनिवर्सिटी इस फैसले को वापस लेने की तैयारी कर रही है। इस कोटे के तहत पीएचडी सीटों पर यूनिवर्सिटी के शिक्षक और कर्मचारियों के परिवारजनों को प्राथमिकता से प्रवेश दिया जाता है। एबीवीपी कार्यकर्ता डॉ. सज्जन सैनी के अनुसार पीएचडी सीटोें पर वार्ड कोटा देना यूजीसी नियमों के विरुद्ध है। इतना ही नहीं वर्ष 2010 में हाईकोर्ट की ओर से यूनिवर्सिटी के एक मामले में सुनाए गए फैसले में वार्ड कोटा गलत माना था। इसके अलावा यूनिवर्सिटी ने यूजीसी 2022 रेगुलेशन को पूरा लागू किया था, इस रेगुलेशन में भी वार्ड कोटा का प्रावधान नहीं है।

तय सीटों से अतिरिक्त कैसे प्रवेश
यूनिवर्सिटी का तर्क है कि वार्ड कोटा के तहत प्रवेश अतिरिक्त सीटों पर दिया जाएगा। विशेषज्ञों का तर्क है कि यूजीसी के नियमों के अनुसार असिस्टेंट प्रोफेसर चार, एसोसिएट प्रोफेसर छह और प्रोफेसर आठ शोधार्थियों को पीएचडी करा सकता है। ऐेसे में यूनिवर्सिटी की ओर से नियमों के विरुद्ध अतिरिक्त सीटों पर कैसे प्रवेश दिया जा सकता है।

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न्यूनतम योग्यता पर मिलता प्रवेश
वार्ड कोटा के तहत शिक्षक और कर्मचारी के परिवारजनों में से आवेदक को न्यूनतम योग्यता हासिल करनी होती है। न्यूनतम योग्यता के आधार पर ही बिना मेरिट आवेदक का प्रवेश पीएचडी में हो जाता है। जबकि सामान्य छात्रों को मेरिट के आधार पर पीएचडी में प्रवेश मिलता है। नए रेगुलेशन के तहत इस बार साक्षात्कार का भी प्रावधान रखा गया है।

- यूूजीसी के नियमों में वार्ड कोटा देने का प्रावधान कहीं नहीं है। यूनिवर्सिटी की ओर से अगर पीएचडी सीटों में वार्ड कोटा दिया जा रहा है तो गलत है।
प्रो. अशोक कुमार पूर्व कुलपति

एबीवीपी कार्यकर्ताओं की मांग आई है। अगर कानूनन यह गलत है तो फैसला वापस ले लेंगे।
अल्पना कटेजा, कुलपति , राजस्थान विश्वविद्यालय

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