
ओमप्रकाश शर्मा
Jaipur News: पेपरलीक का डर ऐसा हावी हो रहा है कि भर्ती के नाम से अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं। इसी डर के चलते सहकारी विभाग ने तो भर्ती राज्य के एजेंसियों से कराने से ही इनकार कर दिया है। पेपरलीक के खतरे को देखते हुए विभाग और राज्य सहकारी भर्ती बोर्ड ने सहकारी बैंकों में प्रस्तावित भर्ती आईबीपीएस (बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान) से कराने का निर्णय किया है। हालांकि आईबीपीएस से परीक्षा कराने के खर्च को देखते हुए वित्त विभाग ने दूसरी संस्थाओं से तुलना करने की राय दी थी। इसके बाद भी विभाग ने विचार बदलने से इनकार कर दिया है। परीक्षा किससे कराई जाए, इसी फेर में भर्ती करीब एक साल से अटकी हुई है।
भर्ती अपेक्स बैंक (राजस्थान राज्य सहकारी बैंक) व 29 जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों में होनी है। इनमें एक सीनियर मैनेजर, 84 मैनेजर, 535 बैंकिंग सहायक व 5 कम्प्यूटर प्रोग्रामरों की भर्ती प्रस्तावित है। सहकारी बैंकों में 625 के साथ 49 पद राजफैड के भरने हैं। राज्य सहकारी भर्ती बोर्ड ने आईबीपीएस से ही भर्ती कराने की राय दी है। हालांकि इसमें सरकार स्तर पर हरी झंडी नहीं मिली। दरअसल गत सरकार ने भर्ती के लिए आवेदन शुल्क में छूट दी थी। ऐसे में विभाग ने माना कि आईबीपीएस से परीक्षा कराने में करीब 90 करोड़ रुपए खर्च होंगे। परीक्षा कराने वाली संस्था यह खर्च परीक्षा से पहले वसूल करती है। प्रति अभ्यर्थी साढ़े सात सौ रुपए से अधिक की राशि ली जाती है। विभाग को दस लाख से अधिक आवेदन आने का अनुमान है।
90 करोड़ का खर्च देखते ही पहले वित्त विभाग ने राय दी कि दूसरी संस्थाओं से खर्च की तुलना की जानी चाहिए। हालांकि विभाग ने इसके बाद भी अपनी राय बदलने से इनकार कर दिया। इसके बाद भी वित्त विभाग ने भर्ती के लिए बजट देने की हरी झंडी नहीं दिखाई। सहकारी बैंकों को लेकर हुई एक बैठक में मुख्य सचिव के सामने भी यह मुद्दा उठ चुका है। सूत्रों के अनुसार राज्य की एजेंसियों ने भी इस भर्ती को लेकर कोई रुचि नहीं दिखाई है।
सहकारी बैंकों में भर्ती की प्रक्रिया गत वर्ष शुरू की गई है। उस समय 559 पदों पर भर्ती तय थी। भर्ती में इतनी देरी हो गई कि इस वर्ष के पद भी जोड़ना उचित समझा गया। अब पद बढ़कर 625 हो गए हैं। इसके साथ ही राजफैड के 49 पद भी इसी भर्ती से भरे जाने हैं।
Published on:
14 Mar 2024 08:09 am
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