
जयपुर. कोरोना वायरस को लेकर सरकार गंभीर है। चिकित्सा विभाग की ओर से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। ऐसे में आयुष मंत्रालय ने भी एडवायजरी जारी की है। एडवायजरी में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में श्वास नली के लक्षणों से बचाव की सलाह दी गई है।
आयुष सचिव राजेश कोटेजा ने बताया कि कोरोना वायरस का प्रकोप देखा जा रहा है, जो मुख्य रूप से श्वसन प्रणाली को प्रभावित करता है। ऐसे में मंत्रालय निवारण उपाय के रूप में परामर्श जारी कर रहा है।
कोरोना वायरस में व्यक्तिगत स्वच्छता उपाय और कुछ हर्बल दवाएं स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहायक हो सकती है। इन दवाओं का उपयोग चिकित्सकों के परामर्श से ही किया जाना चाहिए।
आयुर्वेदिक पद्धतियों के अनुसार निवारक प्रबंधन उपाय-
शदांग पानिया (मस्टा, परपट, उशीर, चंदन और नागर) पानी (1 लीटर पानी में 10 ग्राम पाउडर डालकर तब तक उबालें जब तक यह आधा हो जाए) पीएं। इस पानी को एक बोतल में भर लें और प्यास लगने पर पी लें।
- अगस्त्य हरितकी 5 ग्राम, दिन में दो बार गर्म पानी के साथ लें।
समशामणि वटी 500 मिलीग्राम दिन में दो बार लें।
त्रिकटु (पिप्पली, मारीच और शुंठी) पाउडर 5 ग्राम और तुलसी 3 से 5 पत्तियां एक लीटर पानी में तब तक उबाले, जब तक पानी आधा लीटर न रह जाएं। इस पानी को एक बोतल में भर लें और आवश्यकतानुसार धीरे-धीरे पीएं।
होम्योपैथी पद्धतियों के अनुसार निवारक प्रबंधन उपाय-
विशेषज्ञों ने बताया कि होम्योपैथी दवा आर्सेनिकम एल्बम 30 संभावित कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ रोगनिरोधी दवा के रूप में ली जा सकती है। आर्सेनिकम एल्बम 30 की एक खुराक तीन दिनों तक रोजाना खाली पेट लेने की भी सलाह दी गई है।
Published on:
08 Mar 2020 12:56 pm
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