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राजस्थान में नौनिहाल खतरे में, सरकार ने स्कूल तो खोले निगरानी कर दी बंद, बच्चों में बढ़ रहे कोरोना मामले

स्कूल तो खोले...निगरानी बंद!, इस माह 25 दिन के दौरान 265 नए मामले, संक्रमितों में 70 प्रतिशत को दोनों डोज लगी

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राजस्थान में नौनिहाल खतरे में, सरकार ने स्कूल तो खोले निगरानी कर दी बंद, बच्चों में बढ़ रहे कोरोना मामले

संजय कौशिक / जयपुर। प्रदेश में स्कूली बच्चों पर कोरोना के संक्रमण का कहर बढ़ता जा रहा है। प्रदेश में 25 दिन के दौरान 265 नए मामले सामने आए हैं। संक्रमित पाए गए लोगों में 70 प्रतिशत को दोनों डोज लग चुकी है।

राज्य में 30 बच्चों में कोविड संक्रमण के मामले इस माह के दौरान सामने आ चुके हैं। इसी माह 15 नवंबर से स्कूलों को 100 प्रतिशत क्षमता के साथ खोल दिया गया है। इसके बाद कई स्कूलों ने ऑनलाइन कक्षाएं लगभग बंद कर दी हैं जिसके कारण छोटे-छोटे बच्चों को भी अब स्कूल जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। जबकि अभी तक कोविड-19 वैक्सीन बच्चों के लिए आई ही नहीं है।

प्रार्थनासभा से भोजनावकाश तक निगरानी नदारद
स्कूलों को पूरी तरह खोले जाने के आदेश के बावजूद सरकार की मॉनिटरिंग पूरी तरह फेल हो चुकी है। सैकड़ों बच्चे रोजाना एकत्र हो रहे हैं, लेकिन प्रार्थना सभा से लेकर भोजनावकाश तक शिक्षा विभाग, चिकित्सा विभाग और स्थानीय प्रशासन की कोई मॉनिटरिंग नहीं है।

क्षमता प्रतिदिन सवा लाख... जांचें 25 हजार भी नहीं
प्रदेश में कोविड-19 की प्रतिदिन जांच क्षमता करीब सवा लाख है। लेकिन दूसरी लहर के दौरान भी राज्य में शत-प्रतिशत क्षमता के साथ प्रतिदिन जांचें नहीं हो पाईं। इस माह दिवाली के पहले सप्ताह में तो रोजाना जांच का औसत करीब पांच हजार ही था। हालांकि अब यह औसतन 18 हजार से 25 हजार के बीच प्रतिदिन हो रही हे। लेकिन इसमें भी बीच-बीच में जांचों का आंकड़ा 5000 से 10 हजार भी रहा है। यह स्थिति तो तब है, जबकि मुख्यमंत्री अधिक से अधिक लोगों की कोविड जांच के आदेश दे चुके हैं। साथ ही चिकित्सा विभाग भी मौसमी बीमारियों के सभी मरीजों के कोविड नमूने लेने के निर्देश भी दे चुका है। यहां तक कि मंदिर, स्कूल व भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर भी सप्ताह में एक दिन रैंडम जांच के लिए शिविर लगाने के निर्देश भी दिए जा चुके हैं।

ये करे सरकार
- स्कूलों को ऑफलाइन के साथ ही ऑनलाइन भी संचालित करने के निर्देश जारी करे।

- प्राथमिक व आठवीं के बच्चों के लिए पढ़ाई अभी ऑनलाइन माध्यम पर ही जारी रखी जाए ऑफलाइन स्कूल वैक्सीन आने तक बंद रखे जाएं।

- स्थानीय प्रशासन अलग-अलग क्षेत्रवार टीमें बनाकर रोजाना स्कूलों की निगरानी करवाए और मॉनिटरिंग करे।

- जिन स्कूलों में सोशल डिस्टेंसिंग व कोविड अनुकूल व्यवहार की पालना संभव नहीं है, उन पर सख्ती की जाए या उन्हें वैक्सीन आने तक पूरी तरह बंद किया जाए।