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विसर्जन के इंतजार में अस्थि कलश

जयपुर। पुरानी परम्पराओं के अनुसार व्यक्ति का स्वर्गवास होने के बाद व्यक्ति की अस्थियां हरिद्वार और गंगा घाट में विसर्जित नहीं होती है तो मोक्ष प्राप्त नहीं होता है। व्यक्ति की मोक्ष प्राप्ति को लेकर इन अस्थि कलशों को हरिद्वार के गंगाघाट ले जाने के लिए एक नई पहल शुरूआत की है।

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जयपुर

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Ajay Sharma

May 17, 2020

asthi kalash

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जयपुर। पुरानी परम्पराओं के अनुसार व्यक्ति का स्वर्गवास होने के बाद व्यक्ति की अस्थियां हरिद्वार और गंगा घाट में विसर्जित नहीं होती है तो मोक्ष प्राप्त नहीं होता है। व्यक्ति की मोक्ष प्राप्ति को लेकर इन अस्थि कलशों को हरिद्वार के गंगाघाट ले जाने के लिए एक नई पहल शुरूआत की है।
विधायक रामलाल शर्मा ने बताया कि क्षेत्र के लोगों ने उन्हें अवगत करवाया है कि चौमूं में कोरोना महामारी के चलते शहर में लॉकडाउन के दौरान कई व्यक्तियों की सामान्य मृत्यु हो चुकी है। विधायक शर्मा ने बताया कि चौमूं गढ़ गणेश मंदिर से बस 20 मई को शाम चौमूं से रवाना होकर हरिद्वार जाएगी। जो कि अस्थियों का विसर्जन करने के बाद पुन: 22 मई को वापस चौमूं पहुंचेगी। यात्रा के लिए संबंधित अधिकारियों से अनुमति ली जा चुकी है। यह बस अस्थि कलशों को गंगाघाट ले जाने के लिए शुरू की है। जिसमें एक परिवार से दो सदस्य अपने परिजनों की अस्थियों के साथ हरिद्वार के लिए नि:शुल्क यात्रा कर पाएंगे। जिसमें सोशल डिस्टेसिंग का पूरा पालन किया जाएगा। विधायक शर्मा की इस पहल की लोगों ने सराहना की। विधायक रामलाल शर्मा ने बताया कि जिस घर में व्यक्ति का स्वर्गवास हुआ है। उस घर के व्यक्तियों ने व्यक्ति की अस्थियां मंदिरों में रखवा दी है। परिजनों को इंतजार है कि कब लॉकडाउन समाप्त हो और कब इन अस्थियों को हरिद्वार और गंगा घाट पर विसर्जित करवाएं। अब तक शहर में करीब सामान्य 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।