
मुकेश शर्मा / जयपुर. पाली में लॉक डाउन की सख्ती से पालना कराने के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के घर दूध लाने वाले व्यक्ति को रोकने का मामला पुलिस मुख्यालय तक पहुंच गया है। आरोप है कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए सिपाही को प्रताडि़त किया। लाइन हाजिर करवा दिया और उसके खिलाफ जांच शुरू करवा दी।
सिपाही ने अनहोनी की आशंका पर पहले ही अपने मोबाइल की रिकॉडिंग चालू कर ली थी। बाद में प्रताडऩा के चलते सिपाही ने सोशल मीडिया पर ईमानदार पुलिस अधिकारियों से रिकॉडिंग को वायरल कर इंसाफ मांगा। सोमवार को यह मामला पुलिस महानिदेशक भूपेन्द्र सिंह तक पहुंचा। महानिदेशक सिंह ने मामले की जांच जोधपुर रेंज आइजी को सौंपी है। उन्होंने बताया कि जल्द जांच रिपोर्ट मुख्याल में पेश करने के निर्देश दिए हैं।
सिपाही ने वीडियो के साथ मैसेज भी भेजा
सिपाही ने अपनी ड्यूटी ईमानदारी से करने और 12 वर्षों की नौकरी में एक रुपया रिश्वत नहीं लेने का दावा भी किया। उसने बताया कि वह आला अधिकारियों के आदेश की पालना कर रहा था। आदेश के मुताबिक, दूध वाले को वापस लौटने के लिए कहा था। लेकिन बाद में दूध वाला काफी बहस कर रहा था, तब पुलिस कन्ट्रोल रूम को सूचना दी गई और कन्ट्रोल रूम ने दूध वाले को जाने के निर्देश दिए, तब उसे जाने दिया था। दूध वाला अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के घर भी सप्लाई करता था। पहले उसने फोन पर बात कराने का प्रयास किया, लेकिन आवाज स्पष्ट नहीं होने पर वह अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के घर पहुंचकर पीडि़त सिपाही को उनके घर पर ही बुलवा लिया था।
Published on:
04 May 2020 09:35 pm
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