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कोरोना ज्यादा खतरनाक, वैक्सीन नहीं

चिकित्सकों का दावा कोरोना वैक्सीन से केवल 1% को एलर्जिक इन्फेक्शन की संभावना लेकिन वैक्सीन से बचती है जान

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Coronavirus In Delhi Private Wards Reserved In AIIMS Covid Guidelines Implements In Schools

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कोरोनारोधी वैक्सीनेशन खतरनाक नहीं है। लेकिन कोरोना का संक्रमण ज्यादा खतरा पैदा करता है। दूनिया में कोविड वैक्सीनेशन के साइड इफेक्टस को लेकर बहस छिड़ी हुई है।। इसी बहस को लेकर चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने दावा किया है कि कोरोना की बीमारी ज्यादा खतरनाक है।

लेकिन वैक्सीन लेने से कोई खतरा नहीं है। विशेषज्ञों की माने तो कोरोना वैक्सीन से केवल 1% को एलर्जिक इन्फेक्शन की संभावना रहती है। इसलिए हर उम्र के लोग और बच्चों को बिना किसी डर के कोरोना का टीका लगवाना चाहिए।

एम्स के निदेशक डॉ.रणदीप गुलेरिया ने बताया कि प्रॉपर वैक्सीनेशन और सजगता कि चलते हमने कोविड पर एक हद तक काबू पा लिया है। वैक्सीन के बाद होने वाले साइड इफेक्ट का दावा बेबुनियाद है। यह भ्रांति है कि वैक्सीन के बाद नपुंसकता बढ़ जाती है। जबकि ऐसा कही किसी रिसर्च में देखने को नहीं मिला है। हालांकि वैक्सीन लेने वालों में 1% ऐसी आबादी है जिन्हें वैक्सीन लेने के एलर्जिक इन्फेक्शन की संभावना रहती है।

डॉ. गुलेरिया का दावा है कि वैक्सीन का निर्माण और इसके उपयोग को क्लोज मॉनिटरिंग के बीच किया जाता है। इसलिए हार्ट डिजीस, डायबिटिक और किडनी जैसी डिजीस से जूझ रहे लोग भी बैखौफ वैक्सीन ले सकते है। क्योकि इन बीमारियों से पीड़ित लोगों की इम्यूनिटी काफी कमजोर हो जाती है। इसलिए उन्हें तो सबसे पहले वैक्सीन लगवा लेनी चाहिए। हमें अभी भी कोविड के प्रति पूरी सतर्कता रखनी चाहिए।

कोरोना वैक्सीन के साइड इफेक्ट को लेकर आरयूएचएस के कुलपति व एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसीपल डॉ.सुधीर भंडारीने कहा है कि अगर वैक्सीनेशन के बाद किसी को कोई परेशानी हुई है तो वह पोस्ट कोविड सिंड्रोम हो सकते है।

लेकिन वैक्सीनेशन का कोई साइड इफेक्ट नहीं है, ऐसी कोई बात अभी तक किसी तरह के रिसर्च में या किसी डॉक्यूमेंट में सामने नहीं आई है। अगर कोई किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है तो वह चिकित्सक की सलाह से वैक्सीन ले सकता है। क्योकि वैक्सीन लेने के बाद भी अगर किसी को कोरोना होता है, तो उसे वैक्सीन वेंटीलेटर तक जाने पर रोकती है और इम्यूनिटी को डवलप करती है। कोरोना की बीमारी से ज्यादा खतरनाक है, वैक्सीन नहीं।

डॉ.भंडारीने कहा है कि वैक्सीन के साइड इफेक्ट बताने वाले लोग उन लोगों का मनोबल गिरा रहे है जिन्होंने वैक्सीन नहीं लगवाई है। वैक्सीन लाइफ सेविंग है, वह कोरोना से होने वाली मौत से बचाता है। अगर किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित में वैक्सीनेशन के बाद कोई लक्ष्ण नजर भी आए तो चिकित्सक प्रिवेंटिव मेडिसीन और पेशेंट की मॉनिटरिंग से एडजस्ट कर लेते है। इसलिए जिन्हें कोई भय है वह कोरोना से बचाव के लिए डॉक्टर्स के सुपरविजन में वैक्सीन अवश्य लें।