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दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस वे पर चलने का खर्च 65 पैसे प्रतिकिलोमीटर !

- नितिन गडकरी से वीडियो शेयर कर दी प्रति किमी खर्च की जानकारी - प्रत्येक आधा किलोमीटर पर होंगे सीसीटीवी - गडकरी ने बताया आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर प्रति किमी लग रहा 2.45 रुपए टोल, यहां आएगा 65 पैसे प्रति किमी खर्च

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दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस वे पर चलने का खर्च 65 पैसे प्रतिकिलोमीटर !

दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस वे पर चलने का खर्च 65 पैसे प्रतिकिलोमीटर !

जयपुर।

दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस वे सोहना-दौसा खंड के उद्घाटन की तैयारियां जोर-शोर से चल रही है। 12 फरवरी को इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों होगा। सोमवार को केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर की। इसके साथ ही उन्होंने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें इस एक्सप्रेस-वे की विशेषताएं बताई है, साथ ही यह भी बताया है कि इस एक्सप्रेस-वे पर चलने के लिए वाहन चालक को प्रतिकिलोमीटर कितना खर्च करना होगा।
केन्द्रीय मंत्री गडकरी की ओर से जारी वीडियो में बताया गया है कि इस एक्सप्रेस वे पर एंट्री के समय किसी तरह का कोई टोल नहीं लिया जाएगा। इस हाइवे पर चढ़ने से पहले एंट्री पॉइंट पर लगे टोल प्लाजा पर गाड़ी के नम्बर दर्ज हो जाएंग। टोल की कटौती इस एक्सप्रेस वे से उतरते समय होगा। इस एक्सप्रेस वे पर जितनी गाड़ी चलेगी, उसी दूरी के हिसाब से टोल की कटौती होगी। वीडियो में अन्य एक्सप्रेस वे से इस एक्सप्रेस वे के खर्च की तुलना भी की गई है । इसमें बताया गया है कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर दो रुपए 45 पैसे प्रति किलोमीटर के हिसाब से टोल वसूला गया है, जबकि इस एक्सप्रेस वे पर चलने का खर्चा 65 पैसे प्रति किमी होगा। दिल्ली से मुम्बई तक इस एक्सप्रेस वे का काम इस साल पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा खर्च
इस एक्सप्रेस वे को बनाने में सबसे ज्यादा पैसा राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र में खर्च किया जाएगा। दिल्ली में इस एक्सप्रेस वे का 9 किलोमीटर हिस्सा है, जिस पर 1800 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। हरियाणा में 160 किमी हिस्से पर 10 हजार 400 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। राजस्थान में इस एक्सप्रेस वे की लम्बाई 374 किमी है, जिस पर 16 हजार 600 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसी तरह मध्यप्रदेश में 245 किमी हिस्से पर 11 हजार 100 करोड़ रुपए, गुजरात में 423 किमी हिस्से पर 35 हजार 100 करोड़ रुपए, महाराष्ट्र में 171 किमी हिस्से पर 23 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

गडकरी ने कहा 12 फरवरी को सोहना-दौसा खंड का उद्घाटन

केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार शाम अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक जानकारी साझा की। उसमें कहा गया कि चार फरवरी को दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस वे के सोहना-दौसा खंड का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे। देर रात उन्होंने एक और टृवीट किया और बताया कि उदृघाटन की तिथि अब चार की जगह 12 फरवरी हो गई है। इस एक्सप्रेस वे के शुरू होने के बाद जयपुर से दिल्ली के बीच की दूरी दो घंटे रह जाएगी।

एक्सप्रेस वे की कुछ विशेषताएं

- यह एक्सप्रेस वे पूरी तरह से सीसीटीवी केमरों के नियंत्रण में होगा। प्रत्येक आधा किलोमीटर पर सीसीटीवी लगाए गए हैं।

- सफर को आरामदायक बनाने के लिए दिल्ली से मुम्बई के बीच 93 रेस्ट एरिया बनाए गए हैं। एक से दूसरे रेस्ट एरिया के बीच 50 किमी का फासला होगा।
- इस हाइवे पर कारें 120 किलोमीटर की स्पीड से चलेंगी और यह सफर पूरी तरह से कंपन मुक्त होगा।

- जर्मन तकनीक से यह एक्सप्रेस वे बनाया गया है।
- आगामी 50 साल को ध्यान में रखते हुए निर्माण हुआ है।

- वन्यजीवों के लिए इस हाइवे पर ओवरपास भी होंगे। एशिया का यह पहला ग्रीन ओवरपास हाइवे होगा।
- बूंदी और सवाईमाधोपुर जिले में पांच ओवरपास बनाए जा रहे हैं।

- आठ लेन के इस एक्सप्रेस वे को 12 लेन तक किया जा सकता है। इसके लिए बीच में जमीन छोड़ी गई है।
- वर्तमान में दिल्ली-मुम्बई के बीच सड़क की दूरी है, वह इस एक्सप्रेस वे की वजह से 130 किमी कम हो जाएगी।

- वर्तमान में दिल्ली-मुम्बई के बीच सड़क से सफर करने पर 24 घंटे लगते हैं, जो घटकर 12 घंटे हो जाएगा।
- मेडिकल इमरजेंसी के लिए प्रत्येक 100 किमी पर ट्रोमा सेंटर होंगे।

- दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस वे के बराबर में ही इंडस्टि्रयल कोरिडर बनाने का प्लान भी पाइपलाइन में है।

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