25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एसएमएस अस्पताल में नई व्यवस्था, कॉटेज और गेट नंबर 2 पर गुमटी में दिखा सकेंगे खांसी-जुकाम के मरीज

लोग आपस में सम्पर्क में इसलिए अस्पताल प्रशासन शुरू कर रहा है नई व्यवस्था, अस्पताल की ओपीडी समय सुबह 9 से दोपहर तीन बजे तक कॉटेज के पास आउटडोर और ओपीडी के बाद गेट नंबर दो के सामने पुरानी पूछताछ के सामने गुमटियों में मरीजों को देखने की व्यवस्था

2 min read
Google source verification
a2.jpg

अविनाश बाकोलिया / जयपुर. खांसी-जुकाम से पीडि़त मरीजों को सवाई मानसिंह अस्पताल के धन्वंतरि भवन में डॉक्टरों को दिखाना नहीं पड़ेगा। अस्पताल प्रशासन ने कोरोना वायरस के चलते नई व्यवस्था शुरू करने जा रही है, ताकि अस्पताल में आने वाले दूसरे मरीजों को परेशानी नहीं हो।


जानकारी के अनुसार अस्पताल की ओपीडी समय सुबह 9 से दोपहर तीन बजे तक कोटेज के पास आउटडोर की व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा ओपीडी के बाद अस्पताल के गेट नंबर दो के सामने पुरानी पूछताछ के सामने गुमटियों में मरीजों को देखने की व्यवस्था होगी। इसके लिए दोनों जगहों पर चिकित्सकों की व्यवस्था की जाएगी।


अस्पताल अधीक्षक डॉ. डी.एस. मीणा ने बताया कि मौसम के बदलने के साथ ही ओपीडी के समय काफी संख्या में मरीज अस्पताल में आ रहे हैं। कोरोना वायरस के चलते लोगों आपस में एक-दूसरे के सम्पर्क में नहीं आए। भीड़ को देखते हुए नई व्यवस्था की जाएगी। कोटेज और गुमटी में ही जांच की पूरी सुविधाएं होंगी। धन्वंतरि में आने वाले मरीजों की भीड़ विभाजित हो जाएगी।

रजिस्टे्रशन की व्यवस्था भी अलग होगी
खांसी-जुकाम के मरीजों के लिए कोटेज के पास ही रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही वहां पर एलसीडी लगाई जाएगी, जिसमें मरीज का नंबर भी शो होता रहेगा। इसके अलावा कोरोना वायरस से संबंध में लोगों को जागरूक किया जाएगा।

मरीज के पास रहेगा अब एक ही अटेंडेंट
अधीक्षक ने बताया कि अस्पताल में अब मरीज के पास एक ही अटेंडेंट रूक सकेगा। अस्पताल में अनावश्यक भीड़ को नियंत्रण करने के लिए यह व्यवस्था की गई है। अस्पताल परिसर में काफी संख्या में लोग बैठे रहते हैं, ऐसे में संक्रमण का खतरा काफी रहता है। भीड़ को हटाने के लिए पुलिस का सहयोग लिया जाएगा।


अस्पताल में यह रहेगी व्यवस्था-
- वार्ड में भर्ती मरीज के साथ एक ही परिजन रुकेगा। साथ ही परिजन का वार्ड में प्रवेश मुख्य गेट से ही दिया जाएगा।
- वार्ड में भर्ती मरीजों का ब्लड सैम्पल और दवाइयां उनके बैड पर ही वार्ड बॉय और वार्ड मेड देंगे। मरीजों की रक्त जांच रिपोर्ट वार्ड में उपलब्ध कम्प्यूटर ऑपरेटर या अन्य माध्यम से मरीज के बैड हैड टिकट में लग जाए।
- रेजिडेंट चिकित्सक वार्ड में भर्ती मरीजों की परामर्श पर्ची मरीज या परिजन को नहीं देकर वार्ड में कार्यरत नर्सिंग प्रभारी, नर्सिंग स्टाफ को ही देंवे, ताकि मरीज के परिजनों को संक्रमण से मुक्त रखा जाए।
- अस्पताल के परिसर और वार्डों को संक्रमण मुक्त रखने के लिए सुबह 5, 7, 11 बजे दोपहर 3 बजे, शाम 6 बजे और रात को 9 बजे सफाई की जाएगी।