India's first Happiness Lab : राजस्थान देश का पहला ऐसा प्रदेश बन गया है। जहां खुशियों को कैसे पाया इसके लिए एक लैब स्थापित की गई है। इसकी स्थापना राजधानी जयपुर के जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में की गई। इस हैप्पीनेस लैब का उद्घाटन भूटान के पूर्व शिक्षामंत्री नोरबू वांगचुक द्वारा अंतर्राष्ट्रीय खुशी दिवस के उत्सव के अवसर पर किया गया।
India's first Happiness Lab : राजस्थान देश का पहला ऐसा प्रदेश बन गया है। जहां खुशियों को कैसे पाया इसके लिए एक लैब स्थापित की गई है। इसकी स्थापना राजधानी जयपुर के जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में की गई। इस हैप्पीनेस लैब का उद्घाटन भूटान के पूर्व शिक्षामंत्री नोरबू वांगचुक द्वारा अंतर्राष्ट्रीय खुशी दिवस के उत्सव के अवसर पर किया गया।
हैपीनेस लैब में किसी भी व्यक्ति का लेक्ट्रो फोटोनिक इमेजिंग, शरीर और अंगों के एनर्जी फील्ड, सात चक्र और अंग का विश्लेषण करके किसी भी व्यक्ति को तनाव मुक्त जीवन और भावनाओं पर नियंत्रण सहित तमाम चीजें सिखाई जाएंगी। इसमें व्यक्तिगत परामर्श के माध्यम से एक व्यक्ति को समझने में मदद करेगा। इसे एच20 फॉर लाइफ(हेल्थ एंड हैप्पीनेस ओरिएंटेशन फॉर लाइफ) नाम दिया गया है।
इस मौके पर 'हेल्थ एंड हैप्पीनेस कॉन्क्लेव: एन्हांसिंग सोशल एंड इमोशनल लर्निंग (एसईएल) का भी आयोजन किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि नोरबू वांगचुक ने कहा कि कोई भी व्यक्ति् कहीं और खुशी की तलाश करना बंद करें और इसके बजाय इसे खोजने के लिए खुद पर ध्यान दें।
उन्होंने सामाजिक और भावनात्मक शिक्षा के मूल्य पर जोर देते हुआ कहा कि मजबूत भावनात्मक बुद्धि वाले व्यक्तियों का सामाजिक जीवन अद्भुत होता है। उन्होंने कहा कि सिर्फ प्रगति कभी भी खुशी नहीं ला सकती है। एक खुशहाल मानसिकता किसी को सफल होने का एहसास करा सकती है। उन्होंने दावा किया कि "बी हियर नाउ" वह मंत्र है जो किसी को खुशी हासिल करने में मदद करेगा।