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कोविड एंगल ने बिगाड़ा टूरिज्म का ‘गोल्डन ट्राएंगल’

पर्यटन के लिहाज से राजस्थान विश्व में अपनी खास पहचान रखता है, लेकिन कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण राज्य में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के कदम ठिठक से गए हैं।

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कोविड एंगल ने बिगाड़ा टूरिज्म का 'गोल्डन ट्राएंगल'

कोविड एंगल ने बिगाड़ा टूरिज्म का 'गोल्डन ट्राएंगल'

संजय कौशिक/जयपुर। पर्यटन के लिहाज से राजस्थान विश्व में अपनी खास पहचान रखता है, लेकिन कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण राज्य में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के कदम ठिठक से गए हैं। पर्यटन सीजन के बीच कोरोना की तीसरी लहर की आशंका और खतरनाक स्तर पर पहुंचे प्रदूषण ने भी पर्यटन क्षेत्र के लिए विपरीत स्थिति उत्पन्न कर दी है। देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए दिल्ली व आगरा के साथ पिंकसिटी जयपुर भी 'गोल्डन ट्राएंगलÓ का न केवल एक हिस्सा है, बल्कि पर्यटन के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। खास बात ये है कि तीनों ही शहर एक दूसरे से लगभग समान दूरी पर हैं। हालांकि उदयपुर व पश्चिमी राजस्थान भी पर्यटकों के पसंदीदा पर्यटन केंद्र हैं। लेकिन सैलानियों के अभाव में राज्य के पर्यटन क्षेत्र में मायूसी का माहौल है।

अर्थव्यवस्था में 15 प्रतिशत का योगदान
राजस्थान की अर्थव्यवस्था में पर्यटन उद्योग का हिस्सा करीब 15 प्रतिशत है। विशेषज्ञों का कहना है कि रोजगार व राजस्व अर्जन के लिए विपरीत परिस्थितियों में भी सरकार को तमाम ऐसे प्रयास करने चाहिए जिससे कि पर्यटन क्षेत्र को गति मिले। सबसे पहले तो ये यकीन दिलाना चाहिए कि पर्यटकों की सुरक्षा के लिए राजस्थान में कोरोना प्रोटोकॉल की पालना सख्ती से लागू की गई है।

नया ट्रेंड : हवा व सुरक्षा की परख
पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार राजस्थान आने वाले देशी और विदेशी पर्यटक सबसे पहले पर्यटन स्थल का तापमान, वहां की हवा में प्रदूषण का स्तर, अपराध की स्थिति को प्राथमिकता के साथ देखते हैं। ऐसे में राज्य के हालात चिंता का बड़ा विषय बनते जा रहे हैं।

राज्य सरकार से अपेक्षा
- हालांकि सरकार ने पिछले साल ही पर्यटन नीति-2020 लागू की है, जिसमें पर्यटन विकास को तरजीह दी गई है। साथ ही पर्यटकों की सुरक्षा पर भी फोकस किया जा रहा है।
-वर्तमान में पर्यटन के नए-नए रूप सामने आ रहे हैं, जैसे ग्रामीण पर्यटन, त्योहार-परंपरागत खेल, साहसिक पर्यटन आदि। सरकार को इस दिशा में भी काम करना होगा।
-राजस्थान मैरिज डेस्टिनेशन के लिए भी काफी लोकप्रिय है। सरकार को इस दिशा में सुविधाएं और सुरक्षा मुहैया करानी होगी।

पर्यटकों का गणित (तालिका)

पर्यटक देशी-विदेशी कुल
2018 -5,02,35,643 -17,54,348 -5,19,89,991
2019 -5,22,20,431 -16,05,560 -5,38,25,991
2020 -1,51,17,239 -4,46,457 -1,55,63,696
2021 -1,34,94,018 -19,273 -1,35,13,291

कुल योग
जनवरी, 2018 से अक्टूबर, 2021 तक देशी और विदेशी पर्यटकों की संख्या :
13 करोड़, 48 लाख, 13 हजार, 291

राज्य सरकार के प्रयास
-मेलों और उत्सवों की दोबारा शुरुआत
-प्रदेश के 10 पर्यटन स्थलों पर 10 नए लाइट एंड साउंड शो शुरू करने की तैयारी
-स्वदेश दर्शन स्कीम के तहत धार्मिक स्थलों को जोडऩा
-टूरिस्ट गाइड की फीस में पहली बार बढ़ोतरी
-पश्चिमी राजस्थान के 4 जिलों में यूनेस्को के साथ चल रहे अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण प्रोजेक्ट
-राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ट्रैवल मार्ट में भागीदारी की शुरुआत

कोरोना का साया : संकट का समाधान कैसे!
-कोरोना के बाद राज्य के पर्यटन उद्योग पर आए संकट से निजात पाने के लिए सरकार को घरेलू पर्यटन को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा देना होगा। क्योंकि कई देशों में अब भी कोरोना को लेकर पाबंदिया ज्यादा हैं।

-दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश समेत अन्य राज्यों के पर्यटकों को राजस्थान लाने के लिए आकर्षित करना होगा।

-वायु प्रदूषण स्तर को लेकर पर्यटकों के तमाम भ्रम दूर करने होंगे।

-पर्यटकों से जुड़े अपराधों की रोकथाम के लिए गंभीर प्रयास जरूरी।

-राजस्थान पर्यटन की मार्के टिंग और प्रचार-प्रसार पर भी ज्यादा फोकस करना होगा।

घरेलू पर्यटन पर जोर
अभी पोस्ट कोविड टूरिज्म का समय है। पूरे विश्व में कोरोना के वर्तमान हालात को देखते हुए हमारा पूरा फोकस घरेलू पर्यटन को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा देने पर है। राजस्थान टूरिज्म की देशभर में मार्केटिंग की योजना तैयार की जा रही है। इसके लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी उपयोग करेंगे। राजस्थान के हर जिले में पर्यटन है और इन संभावनाओं का घरेलू पर्यटन के लिए उपयोग करेंगे।
-विश्वेन्द्र सिंह, पर्यटन मंत्री राजस्थान

वायु प्रदूषण स्तर पर पर्यटक गंभीर
देशी-विदेशी पर्यटक वायु की गुणवत्ता, तापमान व अपराध की स्तिथि को लेकर काफी संवेदनशील हो गए हैं। राजस्थान में वायु प्रदूषण के चिंताजनक स्तर को लेकर भी पर्यटक गंभीर हुए हैं।

रणविजय सिंह, संयुक्त सचिव होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन