
मोती डूंगरी गणेशजी के बदला मंगला और शयन आरती का समय
मोती डूंगरी गणेशजी के बदला मंगला और शयन आरती का समय
— रात्रिकालीन कर्फ्यू के चलते किया बदलाव
— सुबह 6 बजे मंगला और रात 8.30 बजे होगी शयन आरती
— बुधवार को शयन आरती 9.30 बजे
जयपुर। कोरोना (COVID 19) को लेकर सरकार की ओर से लगाए गए रात्रिकालीन कर्फ्यू (Night curfew) के चलते मोती डूंगरी गणेशजी मंदिर (Moti Dungri Ganeshji Temple) में मंगला (Mangala Aarti) और शयन आरती के समय में परिवर्तित किया गया है। मंदिर महंत कैलाश शर्मा ने बताया कि अब रात्रि कर्फ्यू रहने तक मंगला आरती सुबह 6 बजे और शयन आरती के दर्शन रात 8.30 बजे होंगे। बुधवार को शयन आरती रात 9.30 बजे होगी। 22 मार्च से रात्रि कालीन कर्फ्यू लागू होने के चलते सोमवार को शयन आरती रात 8.30 बजे ही की गई। इससे पहले अब तक मंगला सुबह 5 बजे और बुधवार को छोड़कर अन्य दिनों में शयन आरती रात 9 बजे की जाती थी।
पुष्य नक्षत्र पर बुधवार को
पुष्य नक्षत्र के अवसर पर बुधवार को मोती डूंगरी मंदिर में गणेशजी महाराज का पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। गणेशजी महाराज का पंचामृत अभिषेक सुबह 5.20 बजे होगा। हालांकि भक्तों का प्रवेश निषेध रहेगा। महंत कैलाश शर्मा के सानिध्य में सुबह 5.20 बजे गणेशजी महाराज का 151 किलो दूध, 21 किलो दही, सवा 5 किलो घी, 21 किलो बूरा, शहद एवं केवड़ा जल, गुलाब जल, केवड़ा इत्र, गुलाब इत्र से अभिषेक किया जाएगा। महंत शर्मा ने बताया कि अभिषेक के दौरान भक्तों का प्रवेश मंदिर में निषेध रहेगा। सबसे पहले भगवान का गंगाजल, केवड़ा जल, गुलाब जल से अभिषेक होगा। इसके बाद पंचामृत अभिषेक होगा। फिर गंगाजल से शुद्ध स्नान कराया जाएगा। सुबह 11 भगवान गणपति सहस्त्रनाम से 1001 मोदक अर्पित होंगे। इससे पहले 10 बजे भगवान श्रीगणेशजी महाराज को फूलबंगले में विराजमान किया जाएगा। नवीन पोशाक धारण कराई जाएगी।
चांदपोल स्थित परकोटे वाले गणेशजी मंदिर में बुधवार को सुबह 8.30 बजे पुष्य नक्षत्र पर गणेशजी महाराज का विधिवत अभिषेक के बाद विभिन्न आयोजन होंगे। गणेशजी महाराज को 51 किलो दूध, दही, घी, शहद बूरा आदि से महास्नान कराया जाएगा। इसके बाद नवीन पोशाक धारण करवाकर गुलाल अबीर लगाया जाएगा। इस मौके पर फाग महोत्सव का आयोजन होगा।
Published on:
22 Mar 2021 09:35 pm
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