15 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गहलोत के शासन में ऑक्सीजन, बेड, वेंटिलेटर्स और रेमडेसिविर इंजेक्शन की दलाली हो रही है- पूनियां

राज्य सरकार के कोरोना कुप्रबंधन, ऑक्सीजन, वेंटिलेटर्स, अस्पतालों के बेड्स, रेमडेसिविर की कालाबाजारी को लेकर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को कठघरे में खड़ा किया है।

less than 1 minute read
Google source verification

जयपुर

image

Umesh Sharma

May 09, 2021

गहलोत के शासन में ऑक्सीजन, बेड, वेंटिलेटर्स और रेमडेसिविर इंजेक्शन की दलाली हो रही है- पूनियां

गहलोत के शासन में ऑक्सीजन, बेड, वेंटिलेटर्स और रेमडेसिविर इंजेक्शन की दलाली हो रही है- पूनियां

जयपुर।

राज्य सरकार के कोरोना कुप्रबंधन, ऑक्सीजन, वेंटिलेटर्स, अस्पतालों के बेड्स, रेमडेसिविर की कालाबाजारी को लेकर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को कठघरे में खड़ा किया है।

पूनियां ने कहा कि कोरोना जैसी वैश्विक महामारी में राजस्थान सरकार का कुप्रबंधन इस कदर है कि शायद इतिहास के काले अक्षरों में दर्ज हो जाए। राज्य में मरीज अस्पतालों के दरवाजों पर दम तोड़ रहे हैं, क्या यह राज्य सरकार की नैतिक जिम्मेदारी नहीं थी कि सालभर में चिकित्सा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करती और मरीजों को न्याय देती ? पूनियां ने कहा कि क्या राजस्थान की गहलोत सरकार इस बात का जवाब देगी कि उसकी नाक के नीचे ऑक्सीजन, अस्पतालों के बिस्तर, वेंटिलेटर्स की दलाली हो रही है, साथ ही रेमेडिसविर इंजेक्शन की दलाली भी जाहिर है ही, यह हम नहीं कह रहे, राज्य की एजेंसी एसीबी कहती है। उन्होंने कहा कि भरतपुर जिले में किस तरीके से सरकारी वेंटिलेटर्स निजी अस्पताल को किराए पर दिए गए और उदयपुर में भी काफी संख्या संख्या में वेंटिलेटर्स अनुपयोगी पाये गये, जिनको काम में ही नहीं लिया जा रहा।

सीएम कर रहे हैं अनर्गल बयानबाजी-सराफ

विधायक कालीचरण सराफ ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा लॉक डाउन की जिम्मेदारी केंद्र सरकार पर डालने वाले बयान को राजनीति से प्रेरित बताया है। उन्होंने कहा कि चिट भी मेरी और पट भी मेरी की नीति से काम नहीं चलेगा, कोरोना से लड़ाई में राज्य सरकार अपनी नीति स्पष्ट करे। गत वर्ष केंद्र सरकार ने लॉक डाउन का फैसला लिया तब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित कांग्रेस के सभी बड़े नेताओं राहुल गांधी, सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार की आलोचना की थी। आज जब केंद्र ने निर्णय राज्य सरकारों पर छोड़ दिया तो केंद्र को जिम्मेदार बता रहे हैं यह सरासर राजनीति से प्रेरित है।