
जयपुर. ब्रिटिश फार्मा कंपनी एस्ट्राजेनेका की ओर से कोविड-19 वैक्सीन के गंभीर साइड इफेक्ट स्वीकारने के बाद देश में कोविशील्ड को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। भारत में एस्ट्राजेनेका वैक्सीन को कोविशील्ड के नाम से बेचा गया था। राजस्थान में कोविशील्ड के टीकाकरण से हृदय रोग, ब्रेन हेमरेज व घातक दुष्प्रभाव का अब तक कोई मामला सामने - नहीं आया है। डॉक्टरों का कहना है कि लोगों को चिंतित होने की जरूरत नहीं है।
जयपुर एसएमएस अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. शशिमोहन शर्मा का कहना है कि राजस्थान में करोड़ों लोगों को कोविशील्ड की डोज दी गई। दुष्प्रभाव तो पहली डोज के बाद कुछ समय में ही सामने आ जाते हैं। कई अध्ययनों में साबित हो चुका है कि कोविड संक्रमण खून का थक्का बनने की आशंका बढ़ाता है। धक्के को टीकाकरण से ही जोड़ना सही नहीं है। हमारे यहां हुए अध्ययन में भी डेल्टा वैरिएंट को बीपी, हृदय रोग का बड़ा कारण बताया जा चुका है।
Updated on:
01 May 2024 08:20 am
Published on:
01 May 2024 08:20 am
