कूडे में फैंक दी गई अनचाही संतान, खासकर नवजात बालिकाओं को बचाने के लिए राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत जोधपुर के पावटा जिला अस्पताल और उम्मेद अस्पताल में शिशु पालनागृह बनकर तैयार हो गए हैं। पावटा अस्पताल के पालनागृह को इसी सप्ताह शुरू कर दिया जाएगा। जबकि उम्मेद अस्पताल का पालनागृह करीब दस दिन बाद शुरू हो जाएगा। इन पालनागृहों में कोई भी मां अपने अनचाहे नवजात शिशु को छोड़ सकेंगी। सरकार ऐसी माताओं की पहचान गुप्त रखेगी। इन बच्चों को नि:संतान दम्पतियों को गोद दिया जाएगा।
'फैंफो मत-हमें दो, बिना पहचान बताए पालने में छोड़ जाएं' की थीम पर सरकार प्रदेश में 65 पालना गृह लगा रही है। जोधपुर में पावटा, उम्मेद और एमडीएम अस्पताल में पालना गृह स्थापित हो रहे हैं। पावटा और उम्मेद अस्पताल में पालना गृह तैयार हैं जबकि एमडीएम अस्पताल में इसके लिए अभी तक जगह चिह्नित नहीं हो पाई है।
यह है पालना गृह
- पावटा जिला अस्पताल में पालना गृह ट्रोमा सेंटर के पास और उम्मेद अस्पताल में द्वितीय प्रवेश द्वार के अंदर बनाया गया है। एक पालना गृह पर एक लाख रुपए लागत आई है।
- पालना गृह के पास न कैमरे लगे हैं और ना कांच की कोई दीवार होगी। इससे शिशु को पालने में छोड़कर जाने वाली मां को कोई नहीं देख सकेगा।
- पालने में सेंसर लगे हुए हैं। शिशु के पालने गृह में डालने के दो मिनट बाद अलार्म बजेगा। यह अलार्म वहां पर सुनाई देगा, जहां चौबीस घंटे किसी ना किसी अस्पतालकर्मी की ड्यूटी होती है।
- अस्पतालकर्मी शिशु की डॉक्टर से जांच करवाकर उसे शिशु गृह पहुंचाने की व्यवस्था करेगा।
- शिशु डालने वाले व्यक्ति का न तो पता लगाया जाएगा और ना उसके बारे में एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।
आज या कल में शुरू कर देंगे
अस्पताल में पालना गृह तैयार है। केवल सेंसर में हल्की समस्या आ रही है। एक दो दिन में इसको दूर कर पालना गृह शुरू कर दिया जाएगा।
डॉ. अशोक सिंह राठौड़, प्रभारी, पावटा जिला अस्पताल
हम भी तैयार हैं
पालना गृह लगभग तैयार है। केवल नाम पट्टिकाएं लगानी है। जो भी शिशु डालेंगे उनकी पहचान गुप्त रखी जाएगी।
डॉ. रंजना देसाई, अधीक्षक, उम्मेद अस्पताल।
अनचाही संतान को हम पालेंगे
कई माता-पिता अनचाही संतान विशेषकर कन्या प्राप्त करने वाले माता-पिता शिशु के जन्म के बाद उसे कूड़ेदान में फैंक रहे हैं। इसी को रोकने के लिए सरकार पालना गृह स्थापित कर रही है।
देवेंद्र अग्रवाल, सलाहकार (पालना गृह व मदर मिल्क बैंक), राजस्थान सरकार।