लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में चौतरफा चुनौतियां बढ़ रही हैं। भारतीय युवाओं को अपना दृष्टिकोण बदलने की बहुत जरूरत है। कभी यूनिवर्सिटी.कॉलेज प्लेसमेंट, नौकरी और व्यवसाय के लिए जाने जाते थे। युवाओं को अब अनुभव और ज्ञान से रोजगार सृजक बनना चाहिए। यह बात लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने मंगलवार को राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय के दीक्षान्त समारोह में कही।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में चौतरफा चुनौतियां बढ़ रही हैं। भारतीय युवाओं को अपना दृष्टिकोण बदलने की बहुत जरूरत है। कभी यूनिवर्सिटी.कॉलेज प्लेसमेंटए नौकरी और व्यवसाय के लिए जाने जाते थे। युवाओं को अब अनुभव और ज्ञान से रोजगार सृजक बनना चाहिए। यह बात लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने मंगलवार को राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय के दीक्षान्त समारोह में कही।
समारोह में उन्होंने साल 2020 और 2021 के 82 स्वर्ण पदक, 116 पीएचडी तथा 1283 उपाधियां वितरित कीं। उन्होंने कहा कि आज कोई मुल्क भारत की उपेक्षा नहीं कर सकता है। स्वाधीनता आंदोलन भी युवाओं की भागीदारी से सफल हुआ।बिरला ने युवाओं से कहा कि दुनिया में नौजवानों ने अपने अनुभव ज्ञान और शोध से पहचान बनाई है। नौजवानों को देश के सामाजिक,आर्थिक, भौगोलिक विकास में इसे कायम रखना चाहिए। पिछड़े और ग्रामीण इलाकों तक सुविधाओं.संसाधनोंए रोजगार.उद्यमों का विस्तार जरूरी है। अगर युवा ठान लें तो भारत को महाशक्ति बनने से कोई नहीं रोक सकता है।
महिलाएं आगे बढ़ रहीं, यह अच्छा संकेत
बिरला ने कहा कि बेटियां और महिलाएं किसी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। शिक्षाए सुरक्षाए अंतरिक्षए खेलकूदए प्रशासन में उनकी भागीदारी बढ़ रही है। जिस प्रकार छात्राओं ने मेडलए डिग्री लेकर श्रेष्ठता दिखाई हैए वह देश के लिए अच्छा संकेत है।
लक्ष्य तय कर बनाएं अपना कॅरिअर
बिरला ने कहा कि अच्छी शिक्षा प्राप्ति में तनावए अवसाद का कोई स्थान नहीं होना चाहिए। जीवन में चुनौतियों से युवाओं को घबराने व तनावग्रस्त होने की बजाय बुलंद हौसले से लक्ष्य का पीछा करना चाहिए। पहले लक्ष्य तय करें और उसे हासिल करने में जुट जाएं।