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रक्षक बनी भक्षक-भाजपा के निशाने पर पुलिस की कार्यशैली, राजे बोली मेरा हृदय विचलित हो उठता है

प्रदेश में अपराधों पर लगाम नहीं लग पा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने जहां श्रीगंगानगर में नहर में कूदकर आत्महत्या करने वाली विवाहिता के मामले में सरकार को घेरा, वहीं उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा में पुलिस की पिटाई से हुई मौत के मामले में प्रदेश की कानून व्यवस्था को कठघरे में खड़ा किया।

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जयपुर

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Umesh Sharma

May 30, 2021

रक्षक बनी भक्षक-भाजपा के निशाने पर पुलिस की कार्यशैली, राजे बोली मेरा हृदय विचलित हो उठता है

रक्षक बनी भक्षक-भाजपा के निशाने पर पुलिस की कार्यशैली, राजे बोली मेरा हृदय विचलित हो उठता है

जयपुर।

प्रदेश में अपराधों पर लगाम नहीं लग पा रही है। रोजना मन को विचलित करनेवाली घटनाएं सामने आ रही है। इसे लेकर भाजपा लगातार गहलोत सरकार को घेर रही है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने जहां श्रीगंगानगर में नहर में कूदकर आत्महत्या करने वाली विवाहिता के मामले में सरकार को घेरा, वहीं उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा में पुलिस की पिटाई से हुई मौत के मामले में प्रदेश की कानून व्यवस्था को कठघरे में खड़ा किया।

श्रीगंगानगर में नहर में कूदकर विवाहिता के आत्महत्या करने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने ट्वीट कर प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने लिखा कि ऐसी खबरों को पढ़कर मेरा हृदय विचलित हो उठता है। आज वाकई राजस्थान का आम आदमी चिंता में है, क्योंकि जब कानून के रक्षक ही मां—बहनों की अस्मत के भक्षक बन जाएंगे और राज्य सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी रहेगी तो फिर बेटियों की सुरक्षा का जिम्मा कौन संभालेगा।

रक्षक ही भक्षक की भूमिका में है-राठौड़

उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा में पुलिस अभिरक्षा में की गई बर्बरतापूर्ण पिटाई से हुई मौत के मामले पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि इस घटना से प्रमाणित होता है कि राज्य में कानून-व्यवस्था चरमरा चुकी है और रक्षक ही भक्षक की भूमिका में है। यह पहला मौका नहीं है, गहलोत सरकार के शासन में अब तक पुलिस कस्टडी में दर्जनभर से ज्यादा मौतें हो चुकी है। राठौड़ ने ट्वीट कर कहा कि पुलिस अभिरक्षा में मौत की घटना सरकार के मुंह कर करारा तमाचा है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जो गृह विभाग के मुखिया भी है वह गृहमंत्री के रूप में पूरी तरह विफल साबित हुए हैं। उन्हें लचर कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी लेकर तत्काल प्रभाव से इस पद से इस्तीफा देना चाहिए। राठौड़ ने राज्य सरकार से पुलिस कस्टडी में हुई मौत की घटना की उच्चस्तरीय जांच करने और मृतक के परिवार को मुआवजा राशि देने की मांग की।