
सांस्कृतिक विरासत प्रशिक्षण शिविर का हुआ समापन
कथक, पेंटिंग, बांसुरी और मांडना जैसे विभिन्न पारंपरिक कलाओं का प्रदर्शन
शिविर प्रशिक्षकों को माला और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया
सांस्कृतिक विरासत प्रशिक्षण शिविर का हुआ समापन
जयपुर। सिटी पैलेस जयपुर में चले सांस्कृतिक विरासत प्रशिक्षण शिविर का समापन समारोह गुरुवार को हुआ। समारोह में छात्रों ने कला, नृत्य और संगीत प्रस्तुति की एक श्रृंखला के माध्यम से अपने विभिन्न कौशल और प्रतिभाओं का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि चित्रकार गोपाल स्वामी खेतांची,रामू रामदेव और शिविर के प्रशिक्षकों ने दीप प्रज्ज्वलित कर की। सभी मेहमानों का माला पहनाकर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। पहला प्रदर्शन संगीत प्रस्तुति थी, धु्रवपद जो कि मधु भट्ट तैलंग के मार्गदर्शन में प्रस्तुत किया गया, इसके बाद कला प्रदर्शनी का अवलोकन हुआ जिसमें छात्रों ने शिविर के दौरान उनके द्वारा बनाई गई विभिन्न चित्रकला और मांडना कलाकृति प्रस्तुत की। छात्रों ने एक संगीत प्रदर्शन भी प्रस्तुत किया जहां उन्होंने आरडी गौड़ के मार्गदर्शन में सिखाए गए बांसुरी के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
प्रशिक्षण शिविर में हमेंत रामदेव ने कांगडा शैली और बाबू लाल मारोटिया ने जयपुर स्टाइल के बारे में प्रशिक्षण दिया। इसी प्रकार से लक्ष्मी नारायण कुमावत ने मांडना कला का प्रशिक्षण दिया। संग्रहालय की कार्यकारी ट्रस्टह रमा दत्त ने सभी शिविर प्रशिक्षकों को माला और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने यह भी कहा कि वे शिविर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थे क्योंकि उनके प्रयासों और योगदान के बिना यह संभव नहीं होता। समारोह का समापन डॉ. ज्योति गोस्वामी निर्देशित जयपुर घराना के कथक और घूमर के सुंदर नृत्य प्रदर्शन के साथ हुआ, जहां विभिन्न आयु समूहों की लड़कियों ने उत्साहपूर्वक अपनी प्रतिभाओं को प्रदर्शित किया।
Published on:
01 Jul 2022 12:21 am
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