कृषि मंत्री ने कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए कृषि यंत्र ट्रेक्टर को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
ग्राम सेवा सहकारी समितियों को अनुदान देकर सरकार ने की पहल
कृषि यंत्र कम दरों पर किसानों को किराए पर उपलब्ध होंगे
जयपुर। कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने शुक्रवार को जयपुर केंद्रीय सहकारी बैंक की ओर से जयपुर जिले की चयनित १७ ग्राम सेवा सहकारी समितियों में कस्टम हायरिंग सेन्टर के लिए कृषि यंत्र ट्रेक्टरों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।सेंटर की शुरुआत से किसानों को अब सस्ती दर पर कृषि यंत्र ट्रेक्टर, हल, रोटावेटर, ट्रॉली, थ्रेसर सहित अन्य उपकरण बाजार से कम दरों पर किसानों को किराए पर उपलब्ध होंगे। इन १७ ग्राम सेवा सहकारी समितियों में भैंसावा, बोबास, दूधली,रूण्डल, धवली, नवलपुरा, कालवाड़, दुर्जनियावास, धानक्या, पचार, झो,् भोजपुरा, चांदमाकंला, बजरंगपुरा, सांगटेडा, हांसियावास, भैसलाना और शुक्लाबास शामिल हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि जोत का आकार कम होता जा रहा है। ऐसे में किसान के पास कृषि यंत्र उपलब्ध नही हो पाते, सरकार के इस प्रयास से किराए पर किसानों को कम दरों पर कृषि यंत्र स्थानीय स्तर पर मिल सकेंगे।
जीएसएस को सुदृढ़ करने का कार्य
कृषि मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मंशा है कि ग्राम सेवा सहकारी समितियों मजबूत बनें। उनकी सोच के अनुरूप ही जीएसएस को सुदृढ़ करने का कार्य किया जा रहा है। वर्तमान तकनीक को ध्यान में रखकर सस्ती दरों पर जीएसएस को ट्रेक्टर, हल और रोटावेटर सहित अन्य यंत्र उपलब्ध कराए गए हैं। पिछले वर्ष 100 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना की जा चुकी है। इस वर्ष 285 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में और 17 एफपीओ में कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना की गई है। इस दौरान कृषि आयुक्त डॉ. ओमप्रकाश, अतिरिक्त रजिस्ट्रार श्याम लाल मीणा, प्रबंध निदेशक सीसीबी इंद्रराज मीणा, अधिशाषी अधिकारी अदिति गोठवाल सहित अन्य ने 17 समितियों के लिए खरीदे गए ट्रेक्टरों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे पहले किसानों का साफा पहना कर और माल्यार्पण कर स्वागत किया गया साथ ही उन्हें ट्रेक्टर की चाबी सौंपी गई।