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डागर ब्रदर्स के स्वरों से गूंजा ‘विरसा’ का मंच

डागर घराने के इन कलाकारों ने गायन के जरिए पुरखों की विरासत को संभाले रखने का हुनर दर्शाया

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जयपुर

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Suresh Yadav

Jul 13, 2019

dagar brothers presenting program in jaipur

dagar brothers presenting program in jaipur

जयपुर।


जवाहर कला केंद्र में चल रहा 'विरसा-समारोह' का मंच शुक्रवार को डागर घराने की बीसवीं पीढ़ी के कलाकार नफीसउददीन खां डागर व अनीसउददीन खां डागर के स्वरों से गूंज उठा। समारोह के तीसरे दिन जवाहर कला केंद्र के रंगायन सभागार में ध्रुवपद गायिकी के लिए मशहूर डागर घराने के इन कलाकारों ने गायन के जरिए पुरखों की विरासत को संभाले रखने का हुनर दर्शाया।

विख्यात ध्रुवपद गायक उस्ताद सईदउददीन खां डागर के शिष्य व पुत्र नफीसउद्दीन खां डागर एवं अनीसउद्दीन खां डागर ने सामवेद की गायिकी के सुरों को तैयारी पक्ष के साथ साधकर सुधि श्रोताओं को भाव-विभोर किया। डागर ब्रदर्स ने शुरूआत में राग यमन को अपनी प्रस्तुति का माध्यम बनाया। इसमें आलापचारी के बाद ताल चौताल में निबद्ध रचना 'तेरो ही ध्यान...,' को पेश किया।

इसके बाद राग अडाना में शिव स्तुति के जरिए शिव के तांडव को अपने सुरों की मदद से दर्शाया। करीब ढाई घंटे की प्रस्तुति के दौरान डागर ब्रदर्स ने विभिन्न राग-रागिनियों पर आधारित बंदिशों के भावों को अपनी गायिकी में ढाला। डागर ब्रदर्स ने राग मालकौंस में 'पूजन चली महादेव...,' बंदिश से भी श्रोताआ' का ध्यान आकर्षित किया। उनके साथ प्रसिद्ध पखावज वादक डॉ. प्रवीण आर्य ने दमदार संगत की। साथ ही तानपुरे पर गायत्री शर्मा और रहमान हरफनमौला ने साथ दिया। इससे पूर्व जवाहर कला केंद्र के अतिरिक्त महानिदेशक फुरकान खान ने कलाकारों का आभार व्यक्त किया। समारोह के शनिवार को नृत्य नाटिका 'मिस्टिकल फारेस्ट' का मंचन होगा।