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डेयरी बूथ…नए आवेदन लिए नहीं, पुराने पर ही निकाल दी लॉटरी

ग्रेटर नगर निगम (Greater Nagar Nigam jaipur) में डेयरी बूथ आवंटन (Dairy booth Allotment) में अधिकारियों की मनमानी खूब चल रही है। स्वायत्त शासन विभाग (DLB) के निर्देश के बाद भी निगम ने डेयरी बूथ आवंटन प्रक्रिया में नए आवेदन (New Applications) नहीं लिए और पुराने आवेदनों के आधार पर लॉटरी निकाल दी। जबकि, हैरिटेज नगर निगम ने नए आवेदन भी लिए।

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डेयरी बूथ...नए आवेदन लिए नहीं, पुराने पर ही निकाल दी लॉटरी

डेयरी बूथ...नए आवेदन लिए नहीं, पुराने पर ही निकाल दी लॉटरी

जयपुर.ग्रेटर नगर निगम (Greater Nagar Nigam jaipur) में डेयरी बूथ आवंटन (Dairy booth Allotment) में अधिकारियों की मनमानी खूब चल रही है। स्वायत्त शासन विभाग (DLB) के निर्देश के बाद भी निगम ने डेयरी बूथ आवंटन प्रक्रिया में नए आवेदन (New Applications) नहीं लिए और पुराने आवेदनों के आधार पर लॉटरी निकाल दी। जबकि, हैरिटेज नगर निगम ने नए आवेदन भी लिए।

निगम मुख्यालय की दीवारों पर एक नोटिस भी चस्पा कर दिया गया, जिसमें लिखा था कि 31 दिसम्बर, 2021 तक डेयरी बूथ आवेदन पत्र प्राप्त किए जा चुके हैं। अत: वर्तमान में नए डेयरी बूथ आवेदन स्वीकार नहीं किए जा रहे। इतना ही नहीं, आयुक्त ने 22 मार्च को डीएलबी को पत्र लिखकर कह दिया कि डेयरी बूथ आवंटन प्रक्रियाधीन है इस वजह से नए आवेदन नहीं लिए जा रहे।

हैरिटेज निगम: सूची भी सही से तैयार नहीं कर पाया

हैरिटेज नगर निगम में 449 डेयरी बूथों का आवंटन होना है। इनमें से 1216 आवेदन अस्वीकृत किए जा चुके हैं। वहीं, 491 आवेदन ऐसे हैं, जिनमें एक ही जनआधार का कई बार प्रयोग किया गया है। जांच में 4595 आवेदन सही पाए गए हैं। हैरानी की बात यह है कि 491 आवेदनों को स्वीकृत सूची में भी डाल रखा है।

पारदर्शिता रखनी है तो केवल लॉटरी से ही आवंटन किया जाना चाहिए। साक्षात्कार तो नौकरी से हटाया जा रहा है।

-गिराधारी लाल स्वामी (माय सिटी पेज पर लिखा)

दिख रहे भ्रष्टाचार के आसार

डेयरी आवंटन प्रक्रिया में गड़बड़ी की जा रही है। हैरिटेज निगम ने आवेदन की तीन श्रेणी बनाई हैं। सी सूची के नाम ए सूची में हैं। जबकि, ए सूची स्वीकृत आवेदनों की है और सी में ऐसे लोग हैं जिन्होंने एक जनआधार का प्रयोग कई आवेदन भरने में किया है। निगम को विधिक नोटिस दिया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में भ्रष्टाचार होने के आसार दिखाई दे रहे हैं।

-भगवत गौड़, अधिवक्ता