Daughters Performed Father's Last Rites: बेटियों ने बिलखते हुए पहले पिता की अर्थी को कंधा दिया। बाद में मोक्ष धाम में मुखाग्नि देकर बेटे का फर्ज निभाया।
Daughters Performed Father's Last Rites: करौली के गुढ़ाचंद्रजी कस्बे में बुधवार को एक जने के निधन होने पर बेटियों ने बिलखते हुए पहले पिता की अर्थी को कंधा दिया। बाद में मोक्ष धाम में मुखाग्नि देकर बेटे का फर्ज निभाया। समाजसेवी कपिल सेन ने बताया कि देवेंद्र नायक की 20 दिन पहले तबीयत खराब हुई थी। जिसे समाजसेवियों ने एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया। 10 दिन से वेंटिलेटर पर उपचाराधीन रहने पर लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से राशि एकत्रित कर इलाज में मदद भी की।
पुत्र नहीं होने पर तीन बेटियां पूजा (24), पिंकी (22), भावना (20) ने अपने पिता की अर्थी को कांधा देते हुए अंतिम यात्रा में शामिल हुई। मोक्ष धाम में बड़ी बेटी पूजा ने पिता को मुखाग्नि दी। इधर देवेन्द्र के निधन से पत्नी मनभर देवी व तीनों बेटियों का रो रो कर बुरा हाल हो गया।
घर में अब कोई नहीं कमाने वाला
देवेन्द्र वाहन चालक का काम करता था। लेकिन अब घर मे कमाने वाला कोई नहीं है। ऐसे में परिवार के समक्ष संकट खड़ा हो गया है। बेटी पूजा व पिंकी बीएसटीसी के बाद जयपुर में रहकर पढ़ रहीं हैं। छोटी बेटी भावना जयपुर में रहकर स्नातक की पढ़ाई कर रही थी। लोगों ने प्रशासन व भामाशाहों से परिवार को आर्थिक मदद देने की मांग की है।
बेटियों ने निभाया था फर्ज
इससे पूर्व हैदराबाद में एक जने के निधन होने पर बेटियों ने बिलखते हुए 2022 में पहले पिता की अर्थी को कंधा दिया। बाद में मोक्ष धाम में मुखाग्नि देकर बेटे का फर्ज निभाया। हैदराबाद के मालवीय नगर की खिड़की कॉलोनी में रहने वाली 86 वर्षीय भाषा बनर्जी की मौत के बाद उनकी अर्थी को उनकी दोनों बेटियों ने कंधा दिया। बड़ी बेटी ने उनकी चिता को अग्नि दी। बेटी रूनू ने बताया कि मां ने हमेशा सिखाया कि बेटा-बेटी दोनों एक समान हैं।
इसी तरह जून 2022 में अयोध्या के मिल्कीपुर तहसील अंतर्गत कुमारगंज थाना क्षेत्र के मरूई गनेशपुर पूरे बुच्चू तिवारी 52 वर्षीय अवध राज तिवारी 1 वर्ष से कैंसर से पीड़ित थे। जिनका निधन बीमारी के चलते हो गया। मृतक के तीन बेटियां हैं बड़ी बेटी बिंदु, दूसरी रेनू ,छोटी बेटी रोली जिसमें दो बेटियों का विवाह हो चुका हैै। उन्होने पिता का अंतिम संस्कार किया था।