
defeat in baran : बहुमत के बाद भी हार पर Bjp में इस्तीफे, कटारिया बोले मामले का Post mortem हो
जयपुर।
बारां जिला परिषद चुनाव में बहुमत होने के बावजूद पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रमोद जैन भाया की पत्नी कांग्रेस की उर्मिला जैन भाया जिला प्रमुख बन गई। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के पुत्र और सांसद दुष्यंत सिंह के कार्यालय में तोड़फोड़ का मामला गर्माया हुआ है। मामले को लेकर बारां भाजपा में कई इस्तीफे हुए हैं।
पूरे मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि पार्टी को इस पूरे माले का आॅपरेशन करना चाहितए और कोई माफीनामा मंजूर होना चाहिए। कटारिया ने इसे सामान्य घटना नहीं बताया और कहा कि संगठन में जहां भी इस मसले पर बात होगी अपना पक्ष रखने के साथ ही अपनी राय भी दूंगा। मैं वहां की स्थिति से इतना ज्यादा परिचित नहीं हूं। इस उलटफेर को लेकर तो नहीं बता सकता लेकिन बहुमत होने के बाद भी भी हम अपना जिला प्रमुख नहीं बना पाए। इसलिए ईमानदारी से इसका पोस्टमार्टम करते हुए जो भी इसमें लिप्त हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
केवल पीठ थपथपाने का धंधा
पंचायती राज चुनाव के परिणामों पर कटारिया ने कहा कि सरकार का केवल अपनी पीठ थपथपाने का धंधा है।सरकार को यह दावा नहीं करना चाहिए कि उन्हें मैंडेट मिल गया। जनता 3 साल के काम पर खुश कतई नहीं है। कटारिया ने यह भी माना कि चाहे बीजेपी हो या कांग्रेस, प्रमुख वह बनता है जिसकी जेब में पैसा है।
शहर महामंत्री ने दिया इस्तीफा
बारां में हुई हार के बाद शहर भाजपा महामंत्री बद्रीप्रसाद मेघवाल ने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि क्रॉस वोटिंग से आहत हूं, इसलिए महामंत्री पद से इस्तीाफ देता हूं। अब मैं भाजपा का सामान्य कार्यकर्ता हूं। वहीं युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष मोनू खींची ने भी क्रॉस वोटिंग से आहत होकर पद से इस्तीफा दिया है।
Published on:
24 Dec 2021 07:19 pm
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