
पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत
rajasthan politics : कांग्रेस ने कर्नाटक चुनाव के बाद अब राजस्थान में चल रहे राजनीतिक नाटक को खत्म करने की तैयारी की है। पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार को 30 मई तक तीन मांगों को लेकर अल्टीमेटम दे रखा है। वहीं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी अंदरखाने मोर्चा खोले हुए हैं। इसी राजनीतिक पैंतरेबाजी को दुरुस्त करने के लिए अब 26 मई को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे राजस्थान के कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक बुलाई है।
इस बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट भी शामिल होंगे। इसमें सबसे पहले राजस्थान में चुनाव जीतने के लिए रणनीति पर चर्चा होगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री अशोक व सचिन पायलट विवाद को भी सुलझाने की कोशिश की जाएगी। सभी प्रमुख नेताओं को तरजीह देने के साथ एकजुट होकर चुनाव में जाने का मंत्र भी दिया जाएगा।
कांग्रेस नेताओं की माने तो राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 के पहले अब सभी नेताओं को एक जाजम पर लाने की कोशिश की जाएगी। प्रदेश में चुनाव के अब कुछ ही महीने बचे हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री गहलोत और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच कलह से पार्टी को नुकसान पहुंचने का अंदेशा बना हुआ है। ऐसे में पार्टी कलह दूर कराने की आखिरी कोशिश में जुट गई है।
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गहलोत-पायलट के अलावा भी कई नेता हैं
राजस्थान के कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने मंगलवार को कोषाध्यक्ष पवन बंसल, अंबिका सोनी से मुलाकात की। इसके बाद रंधावा ने पत्रकारों के सचिन पायलट के सवाल पर कहा कि मेरे लिए राजस्थान में सिर्फ अशोक गहलोत और सचिन पायलट ही लीडर नहीं है। वहां कई अन्य लीडर भी हैं, जिनसे बातचीत हो रही है। पायलट के 15 दिन के अल्टीमेटम के सवाल पर रंधावा ने कहा कि इसका जवाब मुख्यमंत्री दे सकते हैं। पायलट को बैठक में बुलाने के सवाल पर रंधावा ने कहा कि पायलट भी कांग्रेस के नेता हैं।
इन मुददों पर चर्चा
Published on:
24 May 2023 11:25 am

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