
बाघों की राह में रोड़ा नहीं बनेगा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे
सवाईमाधोपुर.
केंद्र सरकार के भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बनने वाला दिल्ली-मुंबई एक्सपे्रस वे अब बाघों की राह में रोड़ा नहीं बनेगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) की ओर से मुकुंदरा के आस-पास के क्षेत्र में बाघों के स्वच्छंद विचरण को देखते हुए प्रोजेक्ट में बदलाव करते हुए मुकुंदरा में प्रदेश का पहला पांच किलोमीटर लंबा अंडरग्राउंड हाइवे बनाने का फैसला लिया है। एनएचएआइ की ओर से इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। पूर्व में इसमें दरा एवं भवानीमंडी का एरिया शामिल किया गया था। अब रूट में बदलाव किया गया है।
वन विभाग ने जताई थी आपत्ति
- आठ लेन का हाइवे प्रस्तावित था, लेकिन वन्यजीवों के विचरण में दखल की आशंका के चलते वन विभाग ने एनओसी नहीं दी।
- वनाधिकारियों ने एक्सप्रेस वे के रूट में बदलाव करने व अन्य विकल्पों को तैयार करने के लिए कहा।
ऐसा होगा हाइवे
-अब रणथम्भौर के बफर जोन इंद्रगढ़ के एक किमी दूर से निर्माण होगा।
-इंद्रगढ़ व लाखेरी के बीच भी बफर जोन की सीमा से एक किमी दूरी से निर्माण।
-अब दो टाइगर रिजर्व व एक अभयारण्य (रणथम्भौर-मुकुंदरा व बूंदी का रामगढ़ विषधारी अभयारण्य) का कॉरिडोर नहीं टूटेगा।
-सवाईमाधोपुर की तीन तहसीलों के 32 गांव, कोटा की चार तहसीलों के 66 गांव, अलवर की तीन तहसीलों के 56 गांव, भरतपुर की एक तहसील के 4 गांव, टोंक की एक तहसील के 9 गांव व बूंदी की एक तहसील के 20 गांव हाइवे की सीमा में आएंगे।
100 मीटर की होगी चौड़ाई
6-15 फीट तक होगी ऊं चाई
6.7 फीट की ऊंचाई होगी बिना अंडरपास वाली जगहों पर
328.44 किमी होगी कुल लंबाई
एनएचएआई ने टनल निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया है। इससे बाघों व अन्य वन्यजीवों का विचरण प्रभावित नहीं होगा।
- आनंद मोहन, सीसीएफ, मुकुंदरा रिजर्व
हमने आपत्ति जताई थी। अब बफर जोन से एक किमी दूर से हाइवे निर्माण व मुकुंदरा में टनल का निर्माण करना प्रस्तावित है।
- जीवी रेड्डी, पीसीसीएफ, जयपुर
Published on:
26 Feb 2020 01:24 am
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