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दिल्ली से रिश्वत लेने राजस्थान आई इस महिला थानेदार ने लगाया तगड़ा दिमाग, सफल भी हो गई… लेकिन जरा सी चूक कर बैठी

इस मामले की जांच एएसआई रेखा सिंह कर रही है, जिसने 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। महिला एएसआई रेखा सिंह ने मुकदमा दर्ज होने के बाद नवम्बर 2022 में ही आशीष सैनी को दिल्ली बुलाया था।

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SI Rekha


जयपुर
Delhi Police SI Trap in Kota भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने चलती ट्रेन में कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस की असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर को रिश्वत की राशि के साथ रंगे हाथों धर दबोचा है। महिला एएसआई ने परिवादी से दहेज प्रताड़ना के मामले में माता, पिता व अन्य परिजनों के नाम केस में से हटाने और केस को कमजोर करने की एवज में ये रिश्वत ली थी। इस मामले में महिला एएसआई स्वयं ही रिश्वत लेने के लिए दिल्ली से ही कोटा आयी थी। लेकिन वापस दिल्ली जाते समय एसीबी ने उसे चलती ट्रेन में ही ट्रेप कर लिया।

दरअसल कोटा एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय स्वर्णकार ने बताया कि 15 नवंबर 2022 को कोटा के गणेश नगर निवासी आशीष सैनी ने एसीबी कोटा कार्यालय में परिवाद पेश किया था। उसके अनुसार दिल्ली के शाहदरा के मानसरोवर पार्क थाना में दहेज प्रताड़ना और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ। ये मुकदमा उसकी पत्नी सविता शर्मा ने 10 सितंबर 2022 को दर्ज कराया था। इस मामले की जांच एएसआई रेखा सिंह कर रही है, जिसने 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। महिला एएसआई रेखा सिंह ने मुकदमा दर्ज होने के बाद नवम्बर 2022 में ही आशीष सैनी को दिल्ली बुलाया था।

इस दौरान वो अपने ममेरा भाई अभिषेक सुमन के साथ गया था। जहां पर दिल्ली पुलिस की महिला एएसआई रेखा सिंह ने रिश्वत में 50 हजार रुपए की मांगी। अत्यधिक दबाव बनाने पर उसने एटीएम से 14 हजार रुपए निकाल कर रेखा सिंह को तत्काल दे दिए। उसक बाद बाकि रकम के लिए रेखा सिंह कई दिनों से पीडित को परेशान कर रही थी। वह उसके माता पिता और अन्य लोगों को उठाकर ले जाने की धमकियां दे रही थी। इस पर आशीष ने एसीबी की मदद से रेखा सिंह को ट्रेप करने की तैयारी कर ली।

रिश्वत की पहली किश्त लेने के बाद रेखा सिंह ने कहा कि जांच करने के लिए कोटा आएगी और शेष रकम 36 हजार रुपए वहीं पर लेगी। इस मामले में गुरुवार को रेखा सिंह ट्रेन से कोटा पहुंची। जिसके बाद परिवादी की गणेश नगर स्थित मकान पर गई। जहां पर माता, पिता व अन्य परिजनों के नाम केस में से हटाने और केस को कमजोर करने के नाम पर शेष 36 हजार रुपए की मांग की। सौदा बीस हजार में तय हुआ और बाकि रकम बाद में देने की बात हुई। रेखा सिंह ने ट्रेन तक छोड़ने के लिए आशीष को साथ लिया और रात दिल्ली जाने वाली ट्रेन में बैठ गई।

रेखा के मन में कहीं न कहीं डर था इसलिए ट्रेन चलने तक रेखा ने आशीष से पैसा नहीं लिया। जैसे ही ट्रेन चलना शुरु हुई वह पैसा लेकर अपनी सीट पर बैठ गई। लेकिन वहां पहले से ही एसीबी तैयार थी। पैसा लेने के कुछ देर बाद ही रेखा सिंह को ट्रेप कर लिया गया और उस 3 किलोमीटर दूर गुडला जंक्शन पर ट्रेन रुकते ही नीचे उतार लिया गया। आज उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड लेने की तैयारी है।