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जयपुर में आंध्रप्रदेश और कोलकाता के पौधों की डिमांड

मानसून की आहट के साथ ही नर्सरी संचालकों के चेहरे भी खिलने लगे हैं। वजह है जयपुराइट्स में प्लांटेशन का बढ़ता शौक। जिसे पूरा करने के लिए नर्सरी संचालक हजारों किलोमीटर दूर से पौधे मंगवा रहे हैं।

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Jun 19, 2023

Rakhi Hajela

मानसून की आहट के साथ ही नर्सरी संचालकों के चेहरे भी खिलने लगे हैं। वजह है जयपुराइट्स में प्लांटेशन का बढ़ता शौक। जिसे पूरा करने के लिए नर्सरी संचालक हजारों किलोमीटर दूर से पौधे मंगवा रहे हैं। जी हां, कोलकाता, आंध्रप्रदेश, आगरा और पूना की नर्सरियों में तैयार होने वाले पौधे जयपुराइट्स की पहली पसंद बने हुए हैं। जिसे पूरा करने के लिए शहर के नर्सरी संचालक भी एक हजार 578 किलोमीटर दूर कोलकाता और एक हजार 732 किलोमीटर की दूरी तय कर आंध्रप्रदेश जाते हैं और वहां से पौधे लेकर आ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक राजधानी जयपुर में तकरीबन 300 से अधिक नर्सरियां हैं जिनमें विभिन्न प्रकार के फल, फूलों और छायादार पौधे देखने को मिलते हैं लेकिन इनमें से अधिकांश पौधे वह हैं जिन्हें बाहर से मंगवा कर यहां रखा जाता है। जिससे प्लांट्स लवर्स की डिमांड को पूरा किया जा सके।

ग्रुप में मंगवाते हैं पौधे

निजी नर्सरी संचालकों के मुताबिक जिस तरह की डिमांड जयपुराइट्स करते हैं वह जयपुर में तैयार नहीं होते ऐसे में उनकी डिमांड को पूरा करने के लिए वह कोलकाता, पूना, आंध्रप्रदेश और आगरा से पौधे मंगवाते हैं। कई नर्सरी संचालक एक साथ मिलकर इन शहरों से पौधे जयपुर लेकर आते हैं। आगरा से मोगरा, देसी गुलाब, मोरपंखी, चायना पाम, गुड़हल के पौधे लाए जाते हैं। इसी प्रकार फूलों की वैरायटी पूना से, डकोरेटिव प्लांट्स कोलकाता से मंगवाए जाते हैं। पाम ट्री की डिफरेंट वैरायटी नर्सरी संचालक आंध्रप्रदेश से लेकर आते हैं। सडक़ के किनारे नर्सरी चला रहे संचालक शहर की बड़ी नर्सरियों से बल्क में यह पौधे खरीद कर बेचते हैं।

यह पौधे हैं डिमांड में

आम, नीम, कड़वा नीम, क्रोटोन, रबर प्लांट, नींबू, आंवला, अनार, अमरूद, कटहल, बीलपत्र, अशोक, पीपड़, बड़, टिम्बर प्लांट पसंद कर रहे हैं। इनके साथ ही गेंदा, गुड़हल, कमल, मुर्गकेश, मनीप्लांट, नागफैनी, जेड, सदाबहार, मॉस रोज, गुलाब, हिबिक्स, चम्पा, मैरीगोल्ड, अंजीर, अंगूर की बेल, पत्थर चट्टा, मोगरा, क्रोटोन और लक्की बैम्बू भी डिमांड में बना हुआ है।

जयपुर में होते हैं ये पौधे तैयार

नर्सरी संचालक मोनू सोनी के मुताबिक जयपुर में गुलाब, तुलसी और सीजनल फुलवारी तैयार होती है। शेष पौधे बाहर से ही मंगवाए जाते हैं। पौधों की कीमत न्यूनतम 50 रुपए से शुरू होती है और हजारों तक जाती है। आम का एक छोटे पौधे की कीमत तकरीबन 160 रुपए तो नीम की कीमत 60 रुपए है। वहीं रंबर प्लांट 500 रुपए तक बिक जाता है। पाम ट्री की कीमत 80 रुपए से आरंभ होती है। क्रोटोन 60 रुपए है।

ऑर्नामेंटल प्लांट की डिमांड पूरे सीजन

वहीं एक अन्य नर्सरी संचालक राकेश सोनी कहते हैं कि कॉसमॉस, बेगोनिया,टॉड लिली, हाईजेंड्रिया, कोलबिंन, गेंदा, गुलाब, डहलिया, हिबिस्कस, गुलदाउदी,ट्यूलिप, ऐसे पौधे हैं जिनकी डिमांड हमेशा बनी रहती है।