
जयपुर
पशुपालन विभाग ( animal husbandry department ) में कार्यरत पशुधन सहायक और पशुचिकित्सा सहायक ( Livestock assistants and veterinary assistants ) इन दिनों जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सरकार से पदनाम परिवर्तन की मांग कर रहे हैं। ये कर्मचारी अपने मौजूदा पदनाम में जुड़े हुए सहायक शब्द को हटाकर सरकार से नया पदनाम किए जाने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए पशुचिकित्सा तकनीकी कर्मचारी संघ के बैनर तले राज्य के विधायक, सांसद समेत अन्य जनप्रतिधियों के साथ ही विभागीय कर्मचारियों के माध्यम से सरकार से पदनाम परिवर्तन की मांग की जा रही है।
दरअसल, ये कर्मचारी पशुधन सहायक का पदनाम बदलकर पशुधन विकास अधिकारी करने के साथ ही पशुचिकित्सा सहायक का पदनाम बदलकर वरिष्ठ पशुधन विकास अधिकारी करने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही सहायक सूचना अधिकारी का पदनाम बदलकर पशुपालन सूचना अधिकारी करने के लिए राज्य के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों के माध्यम से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सामने यह मांग उठाई जा रही है।
प्रदेशाध्यक्ष बनवारी लाल बुनकर ने बताया कि प्रदेश के 200 से ज्यादा जनप्रतिनिधियों की अनुशंसा के साथ ही पांच हजार से अधिक कर्मचारियों के सहमति पत्र संघ लिखवाकर निदेशक पशुपालन, पशुपालन विभाग के सचिव, पशुपालन मंत्री, मुख्यमंत्री से पदनाम परिवर्तन की मांग कर रहा है लेकिन अभी तक विभाग ने इस बारे में कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया है। विभाग ने अगस्त में पदनाम परिवर्तन से जुड़ी एक बैठक बुलाई लेकिन इस बैठक को स्थगित कर दिया गया।
संघ का कहना है कि पशुधन सहायक नाम में सहायक शब्द के कारण पशुपालन विभाग के पशुधन सहायकों को चुनाव ड्यूटी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की जगह बैठा दिया जाता है जिससे कर्मचारियों के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचती है। प्रदेश प्रवक्ता सुनिल चौधरी का कहना है कि पशुधन सहायक का पदनाम पशुधन विकास अधिकारी, पशुचिकित्सा सहायक का पदनाम वरिष्ठ पशुधन विकास अधिकारी और सहायक सूचना अधिकारी का वदनाम पशुपालन सूचना अधिकारी किया जाना चाहिए। पदनाम परिवर्तन से सरकार पर कोई वितीय भार नहीं पड़ेगा।
Published on:
29 Sept 2020 04:54 pm
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