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Chetavani Maha Rally : अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ की ओर से सोमवार को जयपुर में चेतावनी महारैली का आव्हान किया गया है। रैली सुबह 11 बजे रामनिवास बाग से बाइस गोदाम के लिए रवाना होगी। महासंघ पदाधिकारियों के अनुसार इस चेतावनी रैली में प्रदेश भर से करीब 1 लाख कर्मचारी शामिल होंगे।
इससे पहले रविवार को महासंघ अध्यक्ष महावीर प्रसाद शर्मा ने बनीपार्क स्थित बीमा एवं प्रावधायी विभाग में पदाधिकारियों की बैठक लेकर रैली की तैयारियों को अंतिम रूप दिया।
अध्यक्ष महावीर प्रसाद शर्मा ने बताया कि सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों, सरकार के स्तर पर संवादहीनता के कारण आज प्रदेश के कर्मचारी सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो गए हैं।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष तेज सिंह राठौड़ ने कहा कि रैली रामनिवास बाग से शुरू होकर अशोक मार्ग, गवर्मेंट प्रेस चौराहा, सिविल लाइंस फाटक होते हुए बाइस गोदाम पुलिया के नीचे पहुंचेगी। जहां महासंघ के पदाधिकारी प्रदेश भर से आए कर्मचारियों को संबोधित करेंगे।
1- पीएफआरडीए अधिनियम को निरस्त करते हुए राज्य कर्मचारियों के 53 हजार करोड़ रुपए जीपीएफ खाते में जमा किए जाएं। राजस्थान में परिभाषित पुरानी पेंशन योजना (OPS) यथावत रखें।
2- राज्य सरकार, बोर्ड, निगम स्वायत्तशासी संस्थाओं पंचायती राज और सहकारी संस्थाओं के कार्मिकों के लिए समान काम व समान वेतन की नीति लागू कर पूर्व के वेतनमानों में पैदा विभिन्न विसंगतियां दूर कर न्यूनतम वेतन 20 हजार रुपए तय करें।
3- राज्य कर्मचारी, बोर्ड, निगम, पंचायत राज और स्वायत्तशासी संस्थाओं के कार्मिकों को सेवाकाल में 5 (अ) पदोन्नति के अवसर दिए जाएं एवं समयबद्ध पदोन्नति (DPC) करें। पदोन्नति के 5 अवसर नहीं होने पर 7.14.21.28 एवं 32 वर्ष की सेवा पर पदोन्नति पद का वेतनमान स्वीकृत किया जाएं।
4- सभी संविदा एवं आउटसोर्स पर नियुक्तियां बंद करें। सभी संविदा एवं आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करें। समस्त विभागों एवं सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में रिक्त पदों को नियमित नियुक्तियों से भरा जाए और प्रत्येक विद्यालय में शारीरिक शिक्षक का पद सृजित किया जाए।
5- सहायक कर्मचारी को एमटीएस घोषित करते हुए न्यूनतम वेतन 26 हजार करें। वर्ष 2024-25 के बजट में सहायक कर्मचारियों की भर्ती के लिए घोषित 60 हजार पदों पर भर्ती करें। सहायक कर्मचारियों का पदोन्नति कोटा 50 प्रतिशत करें।
6- मंत्रालयिक कर्मचारियों को शासन सचिवालय, लोक सेवा आयोग एवं विधानसभा में कार्यरत मंत्रालयिक कर्मचारियों के अनुरूप वेतन, भत्ते, पदोन्नति एवं अन्य सुविधाएं दी जाए। मंत्रालयिक कार्मिकों सहायक कर्मचारियों और वाहन चालकों के लिए निदेशालय का गठन।
7- बैंक बीमा की स्थानान्तरण नीति के अनुरूप पारदर्शी और स्पष्ट स्थानान्तरण नीति लागू करें। तृतीय श्रेणी अध्यापकों के वर्षों से लंबित तबादले करें। स्थानांतरण में राजनीतिक दखल बंद करें।
8- वित्त विधान के आदेश में सामूहिक अवकाश को नो-वर्क नो-पे की श्रेणी में माना गया, जो कर्मचारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। इस आदेश को वापस (Withdraw) लिया जाए।
9- सरकार कार्मिकों के इलाज की आरजीएचएस में कटौती बंद करें। गत कुछ दिनों में आरजीएचएस में कई सुविधाएं घटा दी गई। उन्हें पुनः बहाल कर योजना में सम्पूर्ण जांच और दवा उपलब्ध कराएं।
10- सरकारी विभागों एवं सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों में निजीकरण/पीपीपी मॉडल आधारित व्यवस्था समाप्त करें। सार्वजनिक उपक्रमों को कमजोर करने के स्थान पर सुदृढ़ किया जाए, इसके साथ एनईपी-2020 को रद्द करें।
11- पुलिस सेवा के कार्मिकों और आपातकालीन सेवा के कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश देना सुनिश्चित करें। इसके साथ इनका कार्यशील समय निर्धारित किया जाए।
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Updated on:
12 Jan 2026 10:12 am
Published on:
12 Jan 2026 10:09 am
