
Dev Uthani Ekadashi: उठे देव, दीपदान से जगमग मंदिर, देव दर्शन को उमड़ी भीड़, मांगलिक कार्य शुरू
जयपुर। कार्तिक शुक्ल एकादशी पर आज देवप्रबोधिनी एकादशी (देवउठनी एकादशी) है। श्रीहरि योग निद्रा से जागे, इसके साथ ही आज से मांगलिक कार्य भी शुरू हो गए है। सुबह से ही मंदिरों में देव उत्थापन के आयोजन हो रहे है। सुबह से ही गोविंददेवजी के भक्तों की भीड़ उमड़ी। आज दिनभर भक्त सात झांकियों के दर्शन कर रहे है। धूप झांकी के बाद शालिग्राम का अभिषेक किया गया। आज शहर में कई जगहों पर तुलसी विवाह के आयोजन भी हो रहे है। वहीं शाम को घर—घर देव उठाए जाएंगे। इस बीच मंदिरों में दीपदान भी शुरू हुआ।
आराध्य गोविंददेवजी मंदिर में महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में देव उठनी एकादशी उत्सव का आयोजन किया गया। धूप झांकी के बाद शालिग्राम जी को चौकी पर विराजमान करके मंदिर के दक्षिण-पश्चिम कोने पर स्थित तुलसी मंच पर लाया गया। यहां शालिग्राम जी का पंचामृत अभिषेक कर पूजन किया गया। आरती के बाद तुलसी महारानी जी का पूजन किया गया। तुलसी महारानी जी एवं शालिग्राम की चार परिक्रमा करने के बाद शालिग्राम जी को चांदी के रथ पर विराजमान करके मंदिर की एक परिक्रमा कर वापिस गर्भगृह में विराजमान किया गया। इसके बाद श्रृंगार आरती के दर्शन हुए। ठाकुर श्रीजी को लालजामा पोशाक धारक कराई गई।
विवाह स्वरूप झांकी के दर्शन
सुभाष चौक पानों का दरीबा स्थित सरस निकुंज में शुक संप्रदाय पीठाधीश्वर अलबेली माधुरी शरण के सान्निध्य में देवात्थापन एकादशी मनाई जा रही है। सुबह शालिग्राम जी को मंत्रोच्चार के बीच उठाया गया। इस दौरान पदों का गायन किया गया। मंदिर प्रवक्ता प्रवीण बड़े भैया ने बताया कि शाम को तुलनी महारानी के साथ ठाकुरजी को विराजमान किया जाएगा। विवाह स्वरूप झांकी के दर्शन होंगे। एकादशी व विवाह झांकी के पदों का गायन होगा। इस दौरान मंदिर में दीपदान होगा। इसके बाद ठाकुरजी को सागारी भोग लगाकर भक्तों को प्रसाद स्वरूप बांटा जाएगा।
दीपदान शुरू, देव दिवाली तक जलेंगे दीप
देवउठनी एकादशी के साथ ही मंदिरों में दीपदान शुरू हुआ। सुबह से ही मंदिर दीपदान से रौशन हुए। कार्तिक स्नान करने वाली महिलाओं ने दीपदान किया। चौड़ा रास्ता स्थित मंदिरश्री राधा दामोदरजी में भक्तों की भीड़ उमड़ी। ठाकुरजी के दर्शन करने के बाद महिलाओं ने यहां दीपदान किया। मंदिर परिसर दीपक की रोशनी से जगमग हो उठा। अब देव दिवाली तक पांच दिन मंदिरों में सुबह और शाम दोनों समय दीपदान होगा।
Published on:
23 Nov 2023 10:37 am
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