
नागोला. पत्रिका न्यूज नेटवर्क उप तहसील नागोला एवं अजमेर जिले के अंतिम छोर पर स्थित गांव कुरथल के निकट भीलवाड़ा जिले के धनोप में स्थित धनोप माता का अति प्राचीन मंदिर सैकड़ों गांवों की आस्था का केंद्र है। यह मंदिर एक ऊंचे टीले पर बना हुआ है। यह मंदिर लगभग 11 शताब्दी पुराना है। मंदिर का सभा मण्डप का निर्माण पृथ्वीराज चौहान के शासनकाल के समय का बताया जाता है। धनोप माता मंदिर में अन्नपूर्णा, चामुण्डा और कालिका माता की खूबसूरत मूर्ति स्थापित है। इनके अलावा यहां पर भैरु जी का स्थान भी है और शिव-पार्वती, कार्तिकेय, गणेश व चौसठ योगनियों की मूर्तियां भी है। वैसे तो माता के दर्शन के लिए रोजाना तीर्थ यात्री आते हैं लेकिन नवरात्र के दौरान यहां धनोप माता का मेला भी भरता है।
धनोप माता मंदिर सैकड़ों गांव की आस्था का केंद्र है। अजमेर और भीलवाड़ा दो जिलों के फेर में फंसने के कारण मंदिर की ओर जाने वाले रास्तों पर आज तक डामरीकरण नहीं हुआ। इस कारण श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। नागोला से धनोप माता मंदिर की दूरी 20 किलोमीटर है लेकिन रास्ता खराब होने से 50 किलोमीटर लंबा चक्कर लगाकर विजयनगर या जालियां तृतीय होकर धनोप पहुंचना पड़ता है। ग्रामीणों ने नागोला से धनोप माता मंदिर वाया पाडलिया, नान्दसी, कुरथल रास्ते का डामरीकरण शीघ्र कराने की मांग की है। धनोप माता मंदिर परिसर के चारों तरफ प्रत्येक समाज की अलग-अलग धर्मशाला हैं। इनमें समाज बंधु भोजन प्रसादी बनाकर माताजी के भोग लगाकर प्रसादी ग्रहण करते हैं।
तीन वर्ष से चल रहा मंदिर जीर्णोद्धार का कार्य:
धनोप माता मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य सांवरिया सेठ मंदिर की तर्ज पर चल रहा है। धनोप माता मंदिर ट्रस्ट की देखरेख में जीर्णोद्धार कार्य को चलते हुए करीबन 3 साल हो चुके हैं। कार्य पूरा होने में कुछ वर्ष और लगने की संभावना है।
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Published on:
15 Feb 2023 11:26 am
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