
दिव्यांग विद्यार्थियों को मिलेगी सुविधाएं, सरकारी कॉलेजों में लिफ्ट, सेपरेट टॉयलेट बनाए जाएंगे
प्रदेशभर के सरकारी कॉलेजों में पढऩे वाले दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें हरेक सरकारी कॉलेज में उन्हें लिफ्ट, सेपरेट टॉयलेट, ब्रेल सॉफ्टवेयर के साथ ही स्क्राइब फॉर एग्जामिनेशन की सुविधा दी जाएगी। अभी तक कॉलेजों में यह सुविधा नहीं थी। सरकार का भी इस ओर कोई ध्यान नहीं था। प्रदेश के सभी राजकीय कॉलेजों में दिव्यांगों के लिए विशेष और व्यापक व्यवस्था करने के निर्देश कॉलेज शिक्षा निदेशालय ने जारी किए हैं। इस संबंध में कॉलेज शिक्षा निदेशक आईएएस संदेश नायक ने सभी प्राचार्य को पत्र जारी करके व्यवस्थाएं करने के लिए कहा है। कॉलेज शिक्षा निदेशालय के निदेशक संदेश नायक ने यह निर्देश दिए हैं कि दिव्यांगों के लिए बुनियादी व्यवस्थाएं की जाए। ये निर्देश पर्सन विद डिसेबलिटिज एक्ट 1995 और एनएएसी मैनुअल के अनुसार दिए गए हैं।
दिव्यांग होते हैं परेशान
गौरतलब है कि कॉलेजों में बड़ी संख्या में दिव्यांग परीक्षार्थी भी पढ़ रहे हैं। कहीं कॉलेजों में व्हील चेयर नहीं है तो कहीं रैम्प,लिफ्ट और सेपरेट टॉयलेट की सुविधा नहीं है और कॉलेजों में कक्षा कक्ष काफी ऊंचाई पर भी बने हुए हैं। कॉलेज में अध्ययन के दौरान कक्षा में दिव्यांगों की पहुंच सुनिश्चित करने एवं सुगमतापूर्वक आवागमन के लिए लिफ्ट, रैम्प आदि का होना एक मील का पत्थर साबित होगा।
पहले दिए गए थे रैम्प और व्हील चेयर के निर्देश
आपको बता दें कि इससे पहले सभी कॉलेजों में रैंप बनाने और व्हील चेयर उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए थे। अब निर्देश में कहा गया है कि इस एक्ट के तहत कॉलेजों में लिफ्ट, ब्रेल सॉफ्टवेयर, सेपरेट टॉयलेट, स्क्राइब फॉर एग्जामिनेशन सहित हर श्रेणी के दिव्यांगों के लिए उपयोगी व्यवस्थाएं की जाए। पाली के अधिवक्ता वैभव भंडारी ने इस मामले को लेकर आयुक्त विशेष योग्यजन के समक्ष परिवाद प्रस्तुत किया था। परिवाद पर कार्रवाई करते हुए उपायुक्त विशेष योग्यजन ने प्रदेश के सभी सरकारी महाविद्यालयों में अनिवार्य रूप से दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए व्हील चेयर उपलब्ध कराने के आदेश दिए थे।
Published on:
07 Sept 2020 05:12 pm
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