
सांवलिया सेठ की राधा से शादी की चर्चा राजस्थान से गुजरात तक
- पुजारी व अध्यक्ष ने किया ऐसे किसी आयोजन की स्वीकृति से इनकार
भदेसर/चित्तौडग़ढ़। एक ऐसी शादी जिसकी चर्चा (Spotlight wedding) राजस्थान से लेकर गुजरात (Rajasthan to Gujarat) तक हो रही है। सोशल मीडिया (social media) पर यह खबर वायरल (News viral) होने के बाद हर कोई इसकी वास्तविकता जानना चाहता है। संदेशों में देवउठनी एकादशी (Devauthani Ekadashi) पर 8 नवंबर को इंदौर में एक समारोह में मंडफिया के सांवलिया सेठ (Sanwalialia Seth of Mandafia) की शादी राधा की प्रतिमा (Radha idol) से होने की तैयारी के बारे में मंदिर मंडल प्रशासन तथा पुजारी अनजान है। मंदिर मंडल अध्यक्ष कन्हैयादास वैष्णव ने शनिवार शाम मीडिया में बयान जारी कर इस तरह के किसी शादी समारोह में भगवान सांवलिया सेठ के जाने से फिलहाल इनकार किया है। इससे पहले सोशल मीडिया पर चल रही खबरों और लोगों की ओर से पूछताछ के बाद अध्यक्ष ने मंदिर मंडल सीईओ मुकेश कलाल एवं पुजारी बालबुकंद से कार्यक्रम की स्वीकृति के बारे में जानकारी चाही तो उन्होंने ऐसी जानकारी होने से मना कर दिया। अध्यक्ष वैष्णव का कहना है कि आयोजक भक्त मंदिर प्रशासन से अधिकृत स्वीकृति लेते हैं तो इस कार्यक्रम पर उनको कोई आपत्ति नहीं है।
चार माह पहले दिया था निमंत्रण
दूसरी ओर, अमावस्या से पूर्व ओसरा समाप्त मंदिर के एक पुजारी द्वारकादास ने बताया कि इंदौर के आयोजक भक्त 4 माह पूर्व देवशयनी एकादशी पर इस तरह के कार्यक्रम का आमंत्रण देने आए थे, जिसको उन्होंने स्वीकार किया था। उन्होंने 500 बारातियों के दावे को गलत बताते हुए कहा, हम जाएंगे तो भी एक-दो कार से।
बिना स्वीकृति नहीं ले जा सकते लड्डू गोपाल
ओसरा पुजारी बालमुकुंद वैष्णव का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रम मे केवल ओसरा पुजारी ही भगवान को ले जाता है। मंदिर मंडल अध्यक्ष के अनुसार पुजारियों ने अपने स्तर पर भगवान को ले जाने की गलत परिपाटी शुरू की है। मंदिर प्रशासन उनको पाबंद करेगा कि किसी भी समारोह में मंदिर के लड्डू गोपाल को ले जाने से पूर्व लिखित स्वीकृति लें।
क्या है मामला
सोशल मीडिया पर एक खबर वायरल हुई कि सांवलिया सेठ मंदिर से ८ नवंबर को लड्डू गोपाल की बारात इंदौर जाएगी। उनके साथ करीब 500 बाराती जाएंगे। विवाह के लिए इंदौर के दग्दी परिवार ने राधा की चांदी की प्रतिमा बनवाई है। चर्चा है कि परिवार ने कुछ माह पहले सांवलियाजी मंदिर में राधा की प्रतिमा स्थापना की इच्छा जताई थी। प्रतिमा बनने के बाद मंदिर में स्थापना की बात आने पर ओसरा पुजारी ने देवउठनी एकादशी पर शादी कराने का सुझाव दिया। इसको मानते हुए दग्दी परिवार ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
Published on:
03 Nov 2019 12:53 am
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
