23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

स्कूलों के व्यवसायीकरण रोकने पर शुरू हुई परिचर्चा, स्कूल शिक्षा परिवार की ओर से 3 दिनी ट्रेनिंग कैंप

इस शिविर में तीन-तीन घंटे के छह सत्र होंगे। प्रत्येक सत्र में निजी विद्यालयों को नियमों की जानकारी के साथ ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं लीडरशिप प्रशिक्षण देने का कार्यक्रम है।

less than 1 minute read
Google source verification

स्कूल शिक्षा परिवार की ओर से एसएफएस मानसरोवर स्थित सामुदायिक भवन में तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर बुधवार को शुरू हुआ।


शिविर का शुभारम्भ राज्य के श्रम एवं नियोजन मंत्री डॉ. जसवंत यादव ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह शिवरि सराहनीय कदम है। निजी स्कूलों द्वारा यह अच्छा प्रयास है, जिसमें सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा सहयोग दिया जाएगा।


प्रदेशाध्यक्ष अनिल शर्मा ने बताया कि इस शिविर में तीन-तीन घंटे के छह सत्र होंगे। प्रत्येक सत्र में निजी विद्यालयों को नियमों की जानकारी के साथ ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं लीडरशिप प्रशिक्षण देने का कार्यक्रम है। शिविर में वक्ताओं के रूप में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ मानवाधिकार आयोग, बाल संरक्षण आयोग, लोकायुक्त जैसी संस्थाओं के प्रमुखों के अलावा मीडिया संस्थान से जुड़े वरिष्ठ संपादकों को रखा गया है।


ताकि स्कूल संचालक इनसे कार्यप्रणाली और समय के अनुसार किए जाने वाले बदलावों को समझ और सीख सकें। शिविर में शिक्षा एवं शिक्षण संस्थाओं के व्यवसायीकरण को रोकने, दशा और दिशा में सुधार पर परिचर्चा हुई। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा परिवार के श्रवण बोहरा, सुधीर, लोकेश शर्मा, रामस्वरूप शर्मा, गोपाल यादव, महेश शर्मा और प्रद्युम्न धूत उपस्थित रहे।