राजकीय सामान्य चिकित्सालय के ट्रोमा वार्ड के समीप बनाया गया ऑक्सीजन प्लांट अस्पताल प्रशासन की अनदेखी के चलते बंद पड़ा है।
इससे वार्ड में भर्ती गंभीर रोगियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। प्लांट के कक्ष के ताले लटके रहने से उसकी नियमित सफाई भी नहीं होती है। इससे प्लांट का अस्तित्व समाप्त हो रहा है।
कबाड़ में तब्दील, नहीं हो रही देखरेख
जिला अस्पताल के ट्रोमा वार्ड के लिए उसके समीप एक कक्ष को ऑक्सीजन प्लांट बना रखा है। ये प्लांट वार्ड का महत्वपूर्ण भाग है।
चिकित्सा प्रशासन की अनदेखी के चलते वर्तमान में यह प्लांट कबाड़ में तब्दील हो रहा है। इसमें टूटी-फु टी कुर्सिया, टेबल व अलमारी रखी हुई है।
इसके अलावा बेतरतीब तरीके से ऑक्सीजन गैस सिलेण्डर इधर-उधर पड़े हुए है।उनका कनेक्शन पाइप लाइन में नहीं कर रखा है।
प्लांट के कक्ष की सफाई हुए कई दिन हो गए है।इससे सिलेण्डर व अन्य उपकरणों पर धूल-मिट्टी की मोटी परत छाई हुई है।
दौरे के दिन लेते हैं सुध
अस्पताल सूत्रों ने बताया कि ट्रोमा वार्ड लिए बनाए गए ऑक्सीजन प्लांटको अस्पताल प्रशासन द्वारा अस्पताल में किसी मंत्री या अन्य उच्चाधिकारियों के दौरे के दिन उसमें सिलेण्डर आदि फिट की करके उसे अपडेटकर देते है।
निरीक्षण के बाद वापस वहां अव्यवस्थाएं शुरू हो जाती है। लोगों का आरोप है कि दौरे पर आए अधिकारी व जनप्रतिनिधियों द्वारा प्लांटके बारे में पूछने के बाद ही उसका निरीक्षण कराया जाता है।
लोगों ने ऑक्सीजन प्लांट की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा ताले खुलवाने की मांग की है। ट्रोमा वार्ड में स्थित ऑक्सीजन नली के मुहाने पर मॉस्क नहीं लगे हुए है। ऐसे में पाइप लाइन के रास्ते आने वाली ऑक्सीजन निकल जाती है।
ऑक्सीजन पानी में छनकर आती है, लेकिन वार्ड में स्थित पाइप लाइन में ऑक्सीजन छानने के लिए व्यवस्था नहीं है।
आरोप निराधार है
ट्रोमा वार्ड के लिए बनाए गए ऑक्सीजन प्लांट चालू हालत में है। वहां नियमित सफाई होती है। वहां कबाड़ नहीं भरा हुआ है।
प्लांट से रोगी के पलंग तक ऑक्सीजन पहुंचाई जा रही है। सभी सिलेण्डरों के कनेक्शन कर रखे है। आरोप निराधार है।
डॉ. आरएल मीणा
प्रमुख चिकित्सा अधिकारी जिला अस्पताल सवाईमाधोपुर।
यह है ऑक्सीजन प्लांट
ट्रोमा वार्ड में भर्ती गंभीर रोग के रोगियों को पंलग पर पाइप लाइन के सहारे पंलग पर ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के लिए वार्ड के समीप ऑक्सीजन प्लांट बना रखा है।
इस प्लांट में करीब आधा दर्जन बड़े ऑक्सीजन सिलेण्डर लगते है। प्लांट से वार्ड तक पाइप लाइन के सहारे वार्ड में रोगी के पंलग तक ऑक्सीजन पहुंचाई जाती है।
वार्ड में इसके लिए प्रत्येक पलंग पर ऑक्सीजन गैस लगाने की व्यवस्था भी कर रखी है, लेकिन इसका रोगियों को लाभ नहीं मिल पा रहा है, जबकि ऑक्सीजन प्लांटमिनी आईसीयू होता है। इसमें नियमित साफ-सफाई तथा उपकरणों व पाइप लाइन की देखरेख होना जरूरी है।