हिन्दुओं के सबसे बड़े त्योहार दिवाली की तैयारियां शुरू हो गई है। घरों में साफ-सफाई की जा रही है और रंग-रोगन किया जा रहा है ताकि धन के देवी का जोरदार स्वागत किया जा सके, लेकिन इन तैयारियों के बीच ही एक बड़ी खबर आ रही है।
जयपुर।
हिन्दुओं के सबसे बड़े त्योहार दिवाली की तैयारियां शुरू हो गई है। घरों में साफ-सफाई की जा रही है और रंग-रोगन किया जा रहा है ताकि धन के देवी का जोरदार स्वागत किया जा सके, लेकिन इन तैयारियों के बीच ही एक बड़ी खबर आ रही है। इस बार दिवाली के अगले दिन 25 अक्टूबर को गोवर्धन पूजा नहीं हो सकेगी। इस दिन खंडग्रास सूर्यग्रहण रहेगा, भारत में ग्रहण की शुरुआत शाम 4.15 से 5.30 के मध्य होगी। ऐसा संयोग 27 साल बाद बना है। यह संयोग बनने की वजह से इस बार दिवाली महोत्सव पांच दिवसीय की बजाय 6 दिन का होगा।
चतुर्दशी युक्त इस अमावस्या पर जयपुर में शाम 4.32 बजे सूर्यग्रहण प्रारंभ होगा, शाम 5.50 बजे सूर्यास्त होगा। खण्डग्रास होने की वजह से 52 प्रतिशत सूर्यग्रहण होगा जिससे शाम 5.33 बजे आधा बिंब 50 प्रतिशत ही चमकीला नजर आएगा। इस वजह से गोवर्धन पूजा 26 अक्टूबर को होगी। सूर्यग्रहण का सीधा असर शहर के मंदिरों पर भी नजर आएगा। यहां अन्नकूट महोत्सव 26 को ही मनाया जाएगा। शहर के अराध्य देव गोविंददेवजी मंदिर में संध्या झांकी 7.30 से 8.15 तक व शयन झांकी रात 8.45 से रात 9 बजे तक होगी। ग्रहण काल के दौरान मंदिर के पट खुले रहेंगे एवं भक्तों द्वारा हरिनाम संकीर्तन किया जाएगा। इसी दिन मंदिरों में ठाकुरजी को चौला, बाजारा, चावल, कढ़ी सहित कई पकवानों का भोग लगाया जाएगा। शहर के मंदिरों में भक्तों को अन्नकूट प्रसादी जिमाई जाएगी।
यह भी पढ़ें: Eclipse on diwali : इस बार दिवाली पर टूटेगी 150 साल की परंपरा, नहीं होगी गोवर्धन पूजा
150 से अधिक साल पुरानी परंपरा टूटेगी
ज्योतिषाचार्य पं.पुरुषोत्तम गौड़ ने बताया कि दीपावली पर 150 से अधिक साल पुरानी परंपरा टूटेगी। पिछले 150 सालों में दिवाली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा नहीं होगी। इससे पहले दिवाली के दूसरे दिन साल 1995 में सूर्य ग्रहण हुआ था, लेकिन वह दिन में ही सूर्य ग्रहण हो गया, ऐसे में शाम को गार्वधन पूजा हो गई थी।
खण्डग्रास सूर्य ग्रहण का समय
समस्त भूमंडल पर: दोपहर 2.28 बजे से प्रारंभ
ग्रहण मध्य : 4.30 बजे
ग्रहण समाप्त: शाम 6.32 बजे