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एसएमएस अस्पताल के डॉक्टर्स ने लेप्रोस्कोपी तकनीक से बचाई महिला की जान

प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल के डॉक्टर्स ने सर्जरी की लेप्रोस्कोपी तकनीक से 25 वर्षीय महिला के पेट से 36 सेंटीमीटर लम्बी 32 सेंटीमीटर चौड़ी और 23 सेंटीमीटर मोटी गांठ निकालकर जान बचाई है।

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एसएमएस अस्पताल के डॉक्टर्स ने लेप्रोस्कोपी तकनीक से बचाई महिला की जान

एसएमएस अस्पताल के डॉक्टर्स ने लेप्रोस्कोपी तकनीक से बचाई महिला की जान

जयपुर। प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल के डॉक्टर्स ने सर्जरी की लेप्रोस्कोपी तकनीक से 25 वर्षीय महिला के पेट से 36 सेंटीमीटर लम्बी 32 सेंटीमीटर चौड़ी और 23 सेंटीमीटर मोटी गांठ निकालकर जान बचाई है। एसएमएस अस्पताल अधीक्षक डॉ अचल शर्मा ने बताया कि धौलपुर निवासी महिला के 15 वर्षों से पेट की गांठ से पीड़ित थी। इतनी बड़ी गांठ का ऑपरेशन सामान्य तौर पर बड़े चीरे द्वारा किया जाता है। लेकिन एस एम एस के सर्जरी विभाग के डॉ. ऋचा जैन, डॉ. हनुमान खोजा के निर्देशन में डॉ. राजेंद्र बुगालिया, डॉ. नरेन्द्र शर्मा, डॉ. विजय डॉ. शुभम द्वारा इसका ऑपरेशन लेप्रोस्कोपी तकनीक से किया गया। उन्होंने बताया कि सर्जरी के लिए 12-15 चीरे की बजाय डॉक्टर्स ने 3-4 सेंटीमीटर के चीरे से गांठ को निकला गया। डॉ बुगालिया ने बताया मरीज को ऑपरेशन से पहले सांस लेने व चलने-फिरने में परेशानी होती थी। ऑपरेशन के पश्चात मरीज पूर्णतया स्वस्थ है। इस तकनीक से सर्जरी करने से बहुत ही कम रक्त स्राव व मरीज जल्दी ठीक होकर घर जा सकता है। ऑपरेशन में डॉ. सुनील चौहान, डॉ. कंचन चौहान, डॉ. मनोज सोनी एवं नर्सिंग स्टॉफ दीपा का सहयोग रहा।