
RMSCL took initiative to overcome the shortage of medicines
विकास जैन
जयपुर। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए सरकार के पास पहली बार बड़ा मौका है। राज्य सरकार की ओर से 1765 चिकित्सा अधिकारियों (एमओ) लिए निकाली गई भर्ती में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को 9400 आवेदन मिले हैं। जिसमे एमबीबीएस के साथ विशेषज्ञ भी शामिल हैं। जबकि इस समय विभाग के अधीन जिला, सैटेलाइट, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में चिकित्सकों के करीब 4 हजार पद रिक्त हैं।
सरकारी अस्पतालों में संपूर्ण इलाज नि:शुल्क शुरू होने के बाद मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है और उस अनुपात में चिकित्सक नहीं बढ़ाए गए हैं। इस भर्ती में पांच गुना अधिक आवेदन मिलने के बाद अब सृजित पद बढ़ाने का भी सरकार के पास अवसर है। राज्य में इस समय चिकित्सकों के 16300 सृजित पद हैं।
नौकरी नहीं मिली तो जाएंगे निजी में
राजस्थान के निजी कॉलेजों में एमबीबीएस की फीस करीब 1 करोड़ रुपए और विदेश में करीब 25 से 40 लाख रुपए तक है। विशेषज्ञों के अनुसार इतनी फीस देने के बाद भी सरकारी नौकरी नही मिलने पर वंचित डॉक्टर या तो निजी अस्पतालों में जाएंगे या खुद का क्लिनिक खोलेंगे। इससे गांवों में डॉक्टरों की पूर्ति करने का मौका सरकार को नहीं मिलेगा।
विदेश से भी आ रहे, सीटें भी बढ़ रही
एक समय था जब डॉक्टर सरकारी नौकरी ज्वाइन नही करते थे। डॉक्टर गांवों में जाने को तैयार नहीं थे। ऐसे हालात में कई बार बिना प्रतियोगी परीक्षा के सीधे ही संविदा या सीधे पद भरे जाते रहे हैं। एमबीबीएस की देश में बढ़ी सीट और देश-विदेश से एमबीबीएस करने वाले छात्रों की संख्या में इजाफा होने से इतनी संख्या में आवेदन सरकार को मिले हैं। माना जा रहा है कि कॉलेजों की संख्या और बढ़ने के बाद आगामी भर्तियों में भी आवेदनों की संख्या में इजाफा होगा। इस समय हर साल करीब एक हजार से ज्यादा डॉक्टर तो विदेश से एमबीबीएस कर वापस आ रहे हैं।
रिक्त सभी पद भरे और सृजित पद भी बढ़ें
डॉक्टरों पर आरोप लगता है कि वे सरकारी सेवा में आना नहीं चाहते। पांच गुना अधिक आवेदन मिलने के बाद यह बात तो खत्म ही हो गई है। अब सरकार की जिम्मेदारी है कि वह सरकारी अस्पतालों में मरीजों को राहत देने के लिए ना केवल सभी रिक्त पद भरे, बल्कि सृजित पदों की संख्या भी बढ़ाए।
डॉ.अजय चौधरी, अध्यक्ष, अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ
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अस्पताल में डॉक्टर पूरे नहीं होते तो मौजूदा डॉक्टरों पर भी भार पड़ता है। अब इतने डॉक्टर सरकारी सेवा में आना चाहते हैं तो सभी पद भरकर सृजित पद भी बढ़ाए जाने चाहिए।
डॉ.राजेन्द्र शर्मा, चिकित्सा अधिकारी
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इस बार 9400 आवेदन चिकित्सा अधिकारी पद के लिए मिले हैं। काफी समय से भर्ती नहीं होने के कारण भी ऐसा हो सकता है।
डॉ.के.एल.मीणा, निदेशक, जनस्वास्थ्य, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग
Published on:
17 Nov 2022 12:24 pm
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