परीक्षाओं के बीच फिल्म की शूटिंग
महाराजा कॉलेज में डॉक्यूमेंट्री फिल्म की शूटिंग
विश्वविद्यालय प्रशासन ने दी शूटिंग की अनुमति
कॉलेज में चल रही है फिल्म की शूटिंग
तीन माह पूर्व दी गई थी शूटिंग की स्वीकृति
कॉलेज प्रिंसिपल बोले, शूटिंग से नहीं हो रहा परीक्षाओं में व्यवधान
जयपुर।
राजस्थान विश्वविद्यालय के संघटक कॉलेज महाराजा कॉलेज में परीक्षाओं के बीच फिल्म की शूटिंग किए जाने का मामला सामने आया है। एक ओर कॉलेज में विभिन्न विषयों की परीक्षाएं चल रही हैं तो दूसरी ओर कॉलेज परिसर में आईआईटी स्टूडेंट्स के लिए एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म की शूटिंग की जा रही है। फिल्म में महाराजा कॉलेज के कुछ स्टूडेंट्स भी काम कर रहे हैं।परीक्षा के बीच शूटिंग का विरोध शुरू हो गया है। उनका कहना है कि इससे परीक्षा देने आए विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है।
मामला दरअसल यह है कि कॉलेज में फिल्म की शूटिंग की अनुमति विश्वविद्यालय प्रशासन ने तीन माह पूर्व ही दी थी। विवि प्रशासन से स्वीकृति मिलने के बाद महाराजा कॉलेज प्रशासन ने 27 अप्रेल से 3 मई तक यहां फिल्म शूटिंग की इजाजत दी और मुंबई से फिल्म की यूनिट भी यहां आकर अपना काम शुरू कर दिया इसी बीच आज कॉलेज में सेमेस्टर के साथ पीजी की परीक्षाएं शुरू हो गईं, ऐसे में छात्र नेता निर्मल चौधरी और उसके समर्थकों ने आज कॉलेज में प्रदर्शन किया और शूङ्क्षटग रोके जाने की मांग की। फिल्म की शूटिंग कॉलेज के मुख्य भवन में चल रही है जबकि परीक्षाएं तकरीबन 400 मीटर की दूरी पर बने हुए आईटी भवन में संचालित हो रही है। जानकारी के मुताबिक फिल्म की शूटिंग के लिए कॉलेज प्रशासन को प्रति दिन के हिसाब से 51 हजार रुपए किराया फिल्म यूनिट की ओर से दिया जाएगा। साथ ही फिल्म में काम कर रहे छात्रों को भी प्रतिदिन एक हजार रुपए दिए जा रहे हैं। छात्रनेता निर्मल चौधरी कहना है कि परीक्षा के बीच फिल्म की शूटिंग से छात्र परेशान हो रहे है। पूरे कॉलेज का माहौल बिगड़ा हुआ है। यदि शूटिंग करनी ही थी तो परीक्षाओं के दरमियान नहीं करवाई जानी चाहिए थीद्ध
इनका कहना है
कॉलेज में फिल्म की शूटिंग से स्टूडेंट्स को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही। कॉलेज दो भवनों में संचालित होता है। एक भवन के पहले फ्लोर पर शूटिंग चल रही है जबकि पीछे की ओर बने दूसरे भवन में परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं। आप खुद सकते हैं कि शूटिंग की आवाज ग्राउंड फ्लोर तक भी नहीं आ रही तो इसमें बच्चे कैसे परेशान होंगे। जहां तक इससे होने वाली आय का उपयोग कॉलेज इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए ही किया जाएगा।
एसके शर्मा, प्रिंसिपल
महाराजा कॉलेज