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आइना नहीं, अपनी सोच और व्यक्तित्व बदलो : मुनि अनंत कुमार

जयपुर

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Newsdesk

Jul 29, 2026

Rajasthan

कोप्पल. मुनि अनंत कुमार ने जीरावाला भवन में चातुर्मासिक चौदस के अवसर पर आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आईना नहीं, अपनी सोच और व्यक्तित्व बदलो। मनुष्य का वास्तविक परिवर्तन बाहरी नहीं, बल्कि आंतरिक होता है। चातुर्मास आत्मजागरण, आत्मचिंतन, तप, साधना और भावशुद्धि का सर्वोत्तम काल है। मुनि अनंत कुमार ने कहा कि वर्ष के आठ महीने जैन संत जनजागरण के लिए निरंतर विहार करते हैं, जबकि भगवान महावीर ने वर्षा ऋतु के चार महीनों में करुणा, अहिंसा और जीवदया की भावना से साधु-संतों को एक स्थान पर विराजमान रहकर धर्मप्रभावना करने का निर्देश दिया। मनुष्य के भीतर आत्मकल्याण की असीम संभावनाएं विद्यमान हैं और जिनवाणी उन्हें जागृत करने का दिव्य माध्यम है। धर्मसभा के दौरान उन्होंने बताया कि तेरापंथ धर्मसंघ के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ते हुए आचार्य महाश्रमण ने लाडनूं में महावीर कुमार को अपना उत्तराधिकारी एवं युवाचार्य घोषित किया है। इसे धर्मसंघ का ऐतिहासिक क्षण बताते हुए उन्होंने नवमनोनीत युवाचार्य के प्रति मंगलकामनाएं और श्रद्धा व्यक्त की।